US President Donald Trump (File Photo)
US-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव जल्द खत्म हो सकता है। उनका कहना है कि सैन्य और आर्थिक दबाव की वजह से ईरान की स्थिति कमजोर हो गई है और अब वह किसी समाधान की ओर बढ़ सकता है।
फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और आर्थिक नाकेबंदी का उस पर बड़ा असर पड़ा है। ट्रंप के मुताबिक इस नाकेबंदी के कारण ईरान की आमदनी भी प्रभावित हुई है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेद बढ़ रहे हैं, जिससे हालात और बदल सकते हैं। उनके अनुसार कुछ नेता बातचीत के लिए तैयार हैं, जबकि कुछ अब भी सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के रक्षा तंत्र और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि ईरान समझदारी दिखाएगा और हालात को शांत करने की दिशा में कदम उठाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो अमेरिका अपने तरीके से आगे बढ़ेगा।
इससे पहले ट्रंप ने साफ किया था कि अमेरिका बातचीत के लिए अपनी टीम विदेश नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे खुद आगे आना होगा या संपर्क करना होगा।
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US-Iran War के बीच बातचीत को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। अमेरिकी पक्ष ने दोहराया है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार नहीं छोड़ता है तो बातचीत का कोई मतलब नहीं है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया कि अगर बातचीत होती है तो वह सीधे मुलाकात के बजाय फोन पर ही हो सकती है।
दूसरी ओर, ईरान अपने स्तर पर कूटनीतिक कोशिशें जारी रखे हुए है। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ओमान, पाकिस्तान और रूस जैसे देशों का दौरा कर रहे हैं ताकि बातचीत के रास्ते खुले रहें और तनाव कम करने के विकल्प तलाशे जा सकें।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ कहा है कि उनका देश दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका के रुख को असंगत बताते हुए कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग पर जोर दिया।
-एजेंसी इनपुट के साथ