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US-Iran War: ईरान पर आर्थिक संकट का बम, ट्रंप बोले रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Donald Trump का दावा, आर्थिक दबाव में ईरान होर्मुज खोलने को तैयार, बैकचैनल बातचीत जारी

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 22, 2026 | 12:21 PM IST

US-Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि Iran इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से कमजोर हो रही है और देश को रोजाना करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि तेहरान के पास नकदी की भारी कमी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां की सेना और पुलिस तक को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिससे अंदरूनी दबाव बढ़ रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में समुद्री तनाव बना हुआ है। ट्रंप के अनुसार, ईरान चाहता है कि Strait of Hormuz को जल्द से जल्द खोला जाए। यह जलमार्ग वैश्विक तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और हालिया तनाव का केंद्र बना हुआ है।

ट्रंप ने ईरान की घरेलू स्थिति को भी चिंताजनक बताया और इसे आपातकाल जैसे हालात करार दिया। उनका कहना है कि आर्थिक और नौसैनिक दबाव के कारण ईरान की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

इससे पहले भी ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान अंदरखाने इस जलमार्ग को खोलने के लिए प्रयास कर रहा है, ताकि उसे हो रहे आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके, जबकि सार्वजनिक तौर पर वह सख्त रुख बनाए हुए है।

Donald Trump ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने को लेकर ईरान की सख्त भाषा असलियत से ज्यादा राजनीतिक दिखावा है।

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ट्रंप के मुताबिक, ईरान खुद इस अहम समुद्री रास्ते को बंद नहीं करना चाहता, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी पर निर्भर है। उन्होंने दावा किया कि इस रास्ते से ईरान को हर दिन करीब 50 करोड़ डॉलर की कमाई होती है और अगर यह बंद होता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि तेहरान की तरफ से जलडमरूमध्य को बंद रखने की धमकी दरअसल अमेरिकी सैन्य दबाव का जवाब है। उनके अनुसार, ईरान ऐसे बयान देकर सिर्फ अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा हालात में ईरान के लिए यह रास्ता खुला रखना ही ज्यादा फायदेमंद है, जबकि बंद करने की बात सिर्फ रणनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है।

डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बैकचैनल बातचीत शुरू हो चुकी है। उनके मुताबिक, कुछ मध्यस्थों ने हाल ही में उनसे संपर्क कर संकेत दिया कि ईरान अपने रुख में बदलाव चाहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने के लिए तैयार है।

हालांकि ट्रंप ने साफ चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर बिना किसी ठोस समझौते के जलडमरूमध्य खोल दिया गया तो भविष्य की बातचीत में अमेरिका की पकड़ कमजोर हो जाएगी। उनके मुताबिक, ऐसा कदम आगे किसी बड़े समझौते की संभावना को खत्म कर सकता है।

US-Iran War के तनावपूर्ण माहौल के बीच ट्रंप ने बुधवार देर रात मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया, ताकि बातचीत के लिए थोड़ा और समय मिल सके। लेकिन यह फैसला पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक ईरान या इजरायल की ओर से इस युद्धविराम को मानने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरी ओर, ईरान से जुड़े विश्लेषकों ने अमेरिका के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह कदम सिर्फ रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश हो सकती है, खासकर तब जब नौसैनिक नाकेबंदी अभी भी जारी है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अगर यह मार्ग बंद रहता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल सप्लाई और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है। मौजूदा हालात में यह संकट जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है।

First Published : April 22, 2026 | 12:21 PM IST