US-Iran War को करीब आठ हफ्ते हो चुके हैं, और अब इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में दबाव बढ़ता जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से खबर है कि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार इस सैन्य कार्रवाई को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई की शुरुआत कांग्रेस की मंजूरी के बिना की थी। उन्होंने इसे अमेरिका के हितों और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था। हालांकि, कई डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि यह फैसला कानून के खिलाफ है।
अमेरिकी कानून ‘वार पावर्स रेजोल्यूशन 1973’ के तहत राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के केवल 60 दिनों तक ही सैन्य कार्रवाई जारी रख सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने 2 मार्च को कांग्रेस को इसकी जानकारी दी थी, जिसके हिसाब से 60 दिन की समय सीमा 1 मई को पूरी हो रही है। ऐसे में अब इस तारीख को एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
अब तक रिपब्लिकन पार्टी ने ट्रंप का साथ दिया है और डेमोक्रेट्स के प्रस्तावों को खारिज किया है। लेकिन कुछ रिपब्लिकन नेता संकेत दे चुके हैं कि 60 दिन के बाद बिना मंजूरी के युद्ध जारी रखना मुश्किल हो सकता है। कुछ सांसदों ने साफ कहा है कि वे इस समय सीमा के बाद सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेंगे।
यह पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा, IRGC ने 2 जहाज जब्त किए; तीसरे पर हमला
इस डेडलाइन के बाद ट्रंप के सामने तीन विकल्प होंगे। पहला, वे कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी लें। दूसरा, युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करें। और तीसरा, कानून के तहत 30 दिन का अतिरिक्त समय लें, लेकिन यह समय केवल सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए होगा, न कि हमले जारी रखने के लिए।
कांग्रेस चाहे तो कभी भी सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, अभी तक इस पर पूरी सहमति नहीं दिखी है। कुछ सांसद इस दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
यह पढ़ें: ईरान पर आर्थिक संकट का बम, ट्रंप बोले रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहले भी कई अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसे कानूनों को नजरअंदाज कर चुके हैं। ऐसे में संभावना है कि ट्रंप भी इसी रास्ते पर चलें। लेकिन ऐसा करना उनके लिए राजनीतिक रूप से मुश्किल हो सकता है, क्योंकि अब इस मुद्दे पर विरोध बढ़ता जा रहा है।