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होर्मुज में तनाव: अमेरिकी सेना ने शुरू की ईरान की समुद्री नाकेबंदी, वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा मंडराया

अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरान की जवाबी धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतें $104 के पार पहुंच गई हैं, जिससे युद्ध भड़कने का खतरा बढ़ गया है

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भाषा   
Last Updated- April 13, 2026 | 10:45 PM IST

अमेरिकी सेना आज ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से पोतों की आवाजाही रोकने के मकसद से नाकाबंदी शुरू करने के लिए तैयार दिखी क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन अमेरिका के इस कदम के जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी बंदरगाहों को धमकी दी है। इस कदम से तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं और युद्ध के फिर से भड़कने की आशंका है। 

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के अनुसार, ‘फारस की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए भी नहीं।’ ईरानी सेना ने कहा, ‘अगर हमारे बंदरगाहों को निशाना बनाया जाता है तो इस क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।’ इससे पहले, अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करेगा। 

यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि यह नाकेबंदी सभी देशों के उन पोतों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर जा रहे हैं। उसने कहा कि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

ये घोषणाएं पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को हुई लंबी युद्ध विराम वार्ता के बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद की गईं। इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किअर स्टार्मर ने बीबीसी रेडियो से कहा कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी में ब्रिटेन शामिल नहीं होगा। 

अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू करने की घोषणा के बाद बाजार में शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में तेजी आई। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 8 फीसदी बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल हो गई जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल का मूल्य 7 फीसदी बढ़कर 102.29 डॉलर पर पहुंच गया। ईरान युद्ध के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आया है।

फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने से पहले इसकी कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी जो कुछ समय में बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल से अधिक तक पहुंच गई। शुक्रवार को शांति वार्ता से पहले जून के लिए ब्रेंट क्रूड वायदा 0.8 फीसदी गिरकर 95.20 डॉलर प्रति बैरल रह गया था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने युद्ध संबंधी विचारों को लेकर पोप लियो 14वें पर असाधारण रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पोप ‘बहुत अच्छा काम’ कर रहे हैं और ‘वह बहुत उदारवादी व्यक्ति हैं’ तथा उन्हें ‘कट्टर वामपंथियों को खुश करना बंद कर देना चाहिए।’

ट्रंप ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब लियो ने सप्ताहांत में संकेत दिया था कि ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ ईरान में अमेरिका-इजरायल युद्ध को हवा दे रहा है। पोप और राष्ट्रपति के विचारों में मतभेद होना असामान्य नहीं है लेकिन किसी पोप का किसी अमेरिकी नेता की सीधे आलोचना करना असामान्य है और इसके बाद दी गई ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया भी सामान्य नहीं है। 

First Published : April 13, 2026 | 10:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)