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West Asia Tensions: वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष सोमवार को 24वें दिन में पहुंच गया है और हालात शांत होने के कोई संकेत नहीं हैं। शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने की मांग की गई थी। इसके बाद तनाव और बढ़ गया।
रविवार को ईरान ने इजरायल के दो शहरों पर हमला किया, जिनमें एक शहर परमाणु केंद्र के पास बताया जा रहा है। इस हमले में करीब 160 लोग घायल हुए। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह कार्रवाई इजरायल द्वारा नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमले के जवाब में की गई।
एक भारतीय नागरिक सोमवार को अबू धाबी में घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा अल शावामेख इलाके में गिरा। घायल को मामूली चोटें आई हैं।
अमेरिका की ओर से 30 दिन की अस्थायी छूट मिलने के बाद भारतीय रिफाइनर ईरान से कच्चा तेल खरीदने के लिए तैयार हैं। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू रहेगी और 20 मार्च तक लोड किए गए तेल पर लागू होगी।
रविवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्चे तेल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की समीक्षा की। साथ ही बिजली और उर्वरक सेक्टर की स्थिति का भी आकलन किया गया।
सरकार ने सिटी गैस प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन को 10 दिन के भीतर सिटी गैस वितरण से जुड़े आवेदनों को मंजूरी देने को कहा गया है।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मंजूर किया है। इसके साथ कुल आवंटन बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है।
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ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया गया तो होरमुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि यह अहम समुद्री रास्ता सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए नहीं।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान के क़ोम स्थित टरबाइन इंजन उत्पादन प्लांट को नष्ट कर दिया है। यह प्लांट ड्रोन और विमान के पुर्जों में इस्तेमाल होने वाले गैस टरबाइन इंजन बनाता था।
ईरान में इंटरनेट पर पाबंदी भी जारी है। देश में इंटरनेट बंदी का चौथा हफ्ता चल रहा है और अब तक 500 घंटे से ज्यादा समय तक लोगों की पहुंच सीमित रही है।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा और ईंधन ठिकानों पर हमला हुआ तो वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा।
अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनियाभर में अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ईरान के समर्थक अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास के दूतावासों की सुरक्षा सलाह का पालन करें।
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बना रहे हैं और वेस्ट एशिया में शांति लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं और सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। इजराइली रक्षा बलों ने तेहरान में कई अहम ठिकानों को निशाना बनाते हुए नए हमले किए। इसे ईरानी शासन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया गया है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ इजराइल ही नहीं बल्कि यूरोप और पूरी दुनिया के लिए खतरा है।
वहीं, रविवार देर रात ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने दक्षिणी इजराइल के दो इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और दर्जनों लोग घायल हो गए। यह हमले एक अहम परमाणु शोध केंद्र के पास हुए।
नेतन्याहू ने दुनियाभर के नेताओं से इजराइल और अमेरिका का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि हाल के हमले इस बात का संकेत हैं कि ईरान एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय खतरा बनता जा रहा है।
वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच गल्फ देशों में हालात और गंभीर हो गए हैं। सोमवार को यूएई ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाले मिसाइल खतरों का सामना कर रहे हैं। साथ ही लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई है।
सऊदी अरब ने भी एक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है, जबकि एक अन्य मिसाइल खुले इलाके में गिरी। इसके अलावा पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी मार गिराया गया।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत 75वीं बार हमला किया। इस दौरान सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाया गया, जो अमेरिका का एक अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है।
इस बीच सऊदी अरब ने ईरान के कई राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए कहा है।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, इस युद्ध में वेस्ट एशिया के नौ देशों में 40 से अधिक ऊर्जा ठिकाने बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ा है।
वहीं, खबर है कि एक पुराना टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गया है। हाल के दिनों में यह दूसरा ऐसा जहाज है जिसे ‘जॉम्बी शिप’ कहा जा रहा है। यह जहाज पर्शियन गल्फ से निकलकर ओमान की खाड़ी तक पहुंच गया।
तनाव के बीच तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है। ब्रेंट क्रूड 8 सेंट गिरकर 112.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 6 सेंट की गिरावट के साथ 98.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
वेस्ट एशिया में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई। इस दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकानों, दूतावासों और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया। ईरान ने यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।