चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को आगाह किया कि ताइवान के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच विचारों में मतभेद खतरनाक मोड़ पर पहुंच सकते हैं। शी ने गुरुवार को ट्रंप के साथ दो दिवसीय बैठक में कहा कि यह ताइवान पर असहमति चीन और अमेरिका के बीच टकराव का कारण भी बन सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति हो रही है। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। हालांकि, दोनों नेताओं की बैठक पर अमेरिका की तरफ से जारी बयान में ताइवान का कोई जिक्र नहीं था।
इसके कहा गया कि शी और ट्रंप दोनों ही होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध व्यापार बहाली के पक्ष में हैं जो ईरान युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद है। अमेरिका की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया कि शी ने अमेरिका से तेल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है ताकि पश्चिम एशिया पर उसकी निर्भरता कम हो सके। ईरान के साथ युद्ध के कारण ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग में गिरावट आई है। इस लिहाज से पिछले लगभग एक दशक में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन की पहली यात्रा की अहमियत और भी बढ़ गई है।
पेइचिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल्स में आयोजित समारोह के बाद ट्रंप ने अपने संक्षिप्त शुरुआती संबोधन में शी से कहा,‘कुछ लोग कहते हैं कि यह अब तक की सबसे बड़ी शिखर वार्ता हो सकती है।’ चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शी ने ट्रंप को बताया कि बुधवार को दक्षिण कोरिया में अमेरिका और चीन के आर्थिक एवं व्यापारिक दलों के बीच हुई शुरुआती बातचीत ‘संतुलित और सकारात्मक’ परिणामों पर पहुंची है।
इन वार्ताओं का उद्देश्य अक्टूबर में दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात के दौरान हुए नाजुक व्यापार समझौते को बनाए रखना था। उस मुलाकात में ट्रंप ने चीन की वस्तुओं पर लगाए गए भारी भरकम शुल्कों को निलंबित कर दिया था और शी भी महत्त्वपूर्ण दुर्लभ धातुओं की आपूर्ति रोकने के अपने रुख से पीछे हट गए थे।
बुधवार को हुई वार्ता का नेतृत्व करने वाले वित्त मंत्री स्कॉट बेसंट ने कहा कि उन्हें भविष्य में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को समर्थन देने के लिए तंत्र स्थापित करने में प्रगति साथ ही बोइंग विमानों के लिए चीन के बड़े ऑर्डर की घोषणा की भी उम्मीद है।
चीन ने अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री का भी कड़ा विरोध किया है। ट्रंप ने इस सप्ताह के शुरू में कहा था कि उन्हें लगता है कि चिनफिंग ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का मुद्दा उठाएंगे। ट्रंप ने ताइवान के लिए 14 अरब डॉलर के पैकेज पर फिलहाल अपनी मंजूरी नहीं दी है। इस बीच, ट्रंप और शी के बीच हुई शिखर वार्ता पर ताइवान ने कहा है कि इसमें (सम्मेलन) में कुछ भी नया नहीं है। ताइवान ने कहा कि चीन का सैन्य दबाव शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
गुरुवार शाम को वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित भव्य राजकीय भोज में शी जिनपिंग ने उपस्थित लोगों से कहा कि चीन-अमेरिका संबंध विश्व में सबसे महत्त्वपूर्ण हैं। ट्रंप के साथ चीन के साथ मुद्दों को सुलझाने के इच्छुक सीईओ का एक समूह भी इस यात्रा में शामिल है जिनमें ईलॉन मस्क और एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग भी शामिल हैं।
अमेरिकी अदालतों ने चीन और अन्य देशों से निर्यात पर मनमाने ढंग से शुल्क लगाने की उनकी क्षमता को सीमित कर दिया है जबकि ईरान युद्ध से अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़ गई है। वहां नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी विधायिका के एक या दोनों सदनों पर नियंत्रण खो सकती है।