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भारतनेट फेज-2 की प्रक्रिया शुरू

Last Updated- December 15, 2022 | 7:55 PM IST

केंद्र सरकार भारतनेट परियोजना के अगले चरण की तैयारी कर रही है। इसका मकसद देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इसके लिए जल्द ही सार्वजनिक निजी हिस्सेदारी मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें हर राज्य को मांग के आधार पर निजी कारोबारी को आमंत्रित करने की अनुमति होगी।
यह प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इससे राज्यों को निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को लेकर खुद फैसला करने का अधिकार मिलेगा। ऐसा माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग ने सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग के साथ मिलकर भारत नेट के मुद्रीकरण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इस प्रस्ताव में वह मॉडल शामिल है, जिसमें राज्य सरकारें फाइबर नेटवर्क के व्यापक इस्तेमाल को लेकर फैसला करेंगी। इसे तीन व्यापक मॉडलों, उपयोग, रखरखाव व सृजन में बांटा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों को यह स्वतंत्रता दी जाएगी कि वे किस मॉडल या मॉडलों के समूह को इस्तेमाल करना चाहते हैं। उदाहरण के लिए राज्यों को यह स्वतंत्रता होगी कि वे निजी हिस्सेदारी के साथ अपना ब्रॉडबैंड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करें या सिर्फ इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव में निजी क्षेत्र की मदद लें।
एक तरफ जहां इसे इंटरनेट कनेेक्टिविटी के दूरस्थ इलाकों में विस्तार के हिसाब से प्रगतिवादी कदम के रूप में देखा जा रहा है, वहीं कुछ को लगता है कि राज्य इस प्रस्ताव को कमजोर कर सकते हैं।
एक अधिकारी ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा, ‘यह संभावना है कि राज्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की कीमत पर कुछ कंपनियों को विशेष लाभ दें।’ सरकार के मुद्रीकरण की इस कवायद को राजस्व के लाभ के हिसाब से देखा जा रहा है।

First Published - June 9, 2020 | 11:20 PM IST

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