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2000 रुपये के नोट वापसी मामले में 29 मई को हाईकोर्ट करेगा सुनवाई, RBI ने यह कह कर तारीख बढ़वाई

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भाषा   
Last Updated- May 26, 2023 | 6:08 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि 2000 रुपये के बैंक नोट को वापस लिया जाना ‘करेंसी मैनेजमेंट’ कार्य है और यह आर्थिक नीति का विषय है। अदालत ने मामले की सुनवाई 29 मई के लिए निर्धारित कर दी।

हाईकोर्ट  2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने के RBI के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ से RBI ने इस तथ्य के आधार पर सुनवाई टालने का अनुरोध किया कि नोट वापस लेने की अधिसूचना से संबद्ध अन्य जनहित याचिका (PIL) पर अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखा गया है।

पीठ ने पक्षों से कहा, ‘विषय को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया जाए।’ पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद भी शामिल हैं। RBI के वकील एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पराग पी त्रिपाठी ने कहा कि रजनीश भास्कर गुप्ता द्वारा दायर मौजूदा याचिका अनुपयुक्त है क्योंकि 2000 रुपये के बैंक नोट वापस लिया जाना नोटबंदी (विमुद्रीकरण) नहीं, बल्कि ‘मुद्रा प्रबंधन’ कार्य है, और आर्थिक नीति का विषय है।

उन्होंने कहा, ‘कथित नोटबंदी का यह मुद्दा एक पूर्ववर्ती रिट याचिका का विषय है, जिस पर आपने आदेश सुरक्षित रख लिया है। वह आदेश जारी होने दीजिए। उसके बाद इसकी सुनवाई करें।’

इस हफ्ते की शुरूआत में, अदालत ने कहा था कि वह अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर आदेश जारी करेगी। याचिका में दावा किया गया है कि बगैर पहचान पत्र के 2000 रुपये के बैंक नोट की अदला-बदली करने के संबंध में RBI और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा जारी अधिसूचनाएं मनमानी और भ्रष्टाचार की रोकथाम करने के लिए लागू कानूनों के खिलाफ हैं।

RBI ने कहा था कि 2000 रुपये के नोट को वापस लेना नोटबंदी नहीं है, बल्कि एक सांविधिक कार्य है। उल्लेखनीय है कि 19 मई को RBI ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी और कहा था कि चलन में मौजूद ये नोट या तो बैंक खातों में जमा किये जाएं या 30 सितंबर तक इनकी अदला-बदली की जाए।

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RBI ने एक बयान में कहा था कि 2000 रुपये के नोट की वैधता बनी रहेगी। वहीं, SBI ने अपने सभी स्थानीय मुख्य कार्यालयों के मुख्य महाप्रबंधकों को 20 मई को एक पत्र लिख कर उन्हें सूचित किया था कि लोग एक बार में 20,000 रुपये की सीमा तक 2000 रुपये के नोट की अदला-बदली कर सकेंगे और इसके लिए कोई पर्ची लेने की जरूरत नहीं होगी।

पत्र में यह भी कहा गया था, ‘नोट की अदला-बदली के दौरान लोगों द्वारा कोई पहचान पत्र सौंपे जाने की जरूरत नहीं होगी।’

First Published : May 26, 2023 | 6:08 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)