शिक्षा

नीट पेपर लीक पर एक्शन: NTA ने मानी जिम्मेदारी, अब CBI खंगालेगी साजिश और भ्रष्टाचार के तार

NTA ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘केंद्र सरकार की मंजूरी से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बीते 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है।’

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भाषा   
Last Updated- May 12, 2026 | 10:27 PM IST

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट-यूजी) 2026  मंगलवार को रद्द कर दी। एनटीए ने परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच यह बड़ा निर्णय लिया। केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस पूरे मामले की जांच का आदेश भी दिया है। एनटीए ने कहा कि परीक्षा की नई तारीख का ऐलान अगले 7 से 10 दिन में किया जाएगा।

नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने की खबर आने के बाद छात्र आग बबूला हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। एनटीए ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘केंद्र सरकार की मंजूरी से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बीते 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है।’

एनटीए ने अपने बयान में कहा कि दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को दोबारा पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा और न ही फीस देनी होगी। सभी पंजीकरण डेटा, उम्मीदवारों के विवरण और परीक्षा केंद्र पहले की तरह ही रहेंगे। नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने से लगभग 24 लाख से अधिक उम्मीदवारों पर असर पड़ा है। एनएसयूआई और एसएफआई समेत छात्र संगठनों ने कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

बार-बार हो रही चूक के मद्देनजर विपक्ष के नेताओं ने भी एनटीए में सुधार की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा रद्द करने के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया जबकि एनटीए ने मौजूदा स्थिति को छात्रों, अभिभावकों और व्यापक शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा,‘जो भी हुआ है हम उसकी जिम्मेदारी लेते हैं।’ उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा का नया कार्यक्रम अगले सात से दस दिन के भीतर घोषित कर दिया जाएगा। एनटीए ने रविवार को कहा था कि प्रश्न पत्रों को जीपीएस-ट्रैक किए गए वाहनों में ले जाया गया था और विशिष्ट वॉटरमार्क आदि के साथ पूरी सावधानी बरती गई थी। एनटीए के मुताबिक परीक्षा केंद्रों की निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से एआई-सहायता प्राप्त सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से की गई थी।

यह कदम एनटीए द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े पहले के विवादों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। इससे पहले 2024 में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक होने और अनुग्रह अंकों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे जिसके कारण बिहार और गुजरात में विरोध प्रदर्शन हुए, सर्वोच्च न्यायालय में मामले दायर हुए और कई लोगों की गिरफ्तारियां हुईं। हालांकि, न्यायालय ने राष्ट्रव्यापी पुनर्परीक्षा का आदेश तो नहीं दिया था मगर उसने यह माना कि कुछ मामलों में परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता हुआ है और जांच का कुछ हिस्सा बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया।

सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों के तहत इस मामले में एफआईआर दर्ज की। फिलहाल जिन आरोपों की पड़ताल की जा रही है उनमें ‘अनुमानित प्रश्न पत्र’ और वास्तविक नीट-यूजी प्रश्न पत्र के बीच समानता शामिल हैं।

राजस्थान के अधिकारियों ने दावा किया है कि लीक हुई सामग्री के कई प्रश्न परीक्षा पत्र से मेल खाते हैं। एक संबंधित घटनाक्रम में महाराष्ट्र के नाशिक में कथित लीक के संबंध में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान पुलिस की एक टीम आगे की पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले सकती है।

(साथ में एजेंसियां)

First Published : May 12, 2026 | 10:17 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)