Consumer Stocks: खपत सेक्टर में जनवरी से मार्च के बीच मांग में धीरे-धीरे सुधार नजर आया है और कंपनियों के नतीजों में भी इसका असर दिख सकता है। लेकिन तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां मार्च तिमाही में सुधार के संकेत हैं, वहीं अगले वित्त वर्ष की शुरुआत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
रिपोर्ट कहती है कि इस बार मार्च तिमाही में लगभग सभी खपत से जुड़े सेक्टर में सालाना आधार पर कमाई और मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। दैनिक जरूरत के सामान से लेकर पेंट, शराब, कपड़े, रेस्टोरेंट और ज्वेलरी तक, लगभग हर जगह मांग में सुधार दिखा है। लंबे समय बाद ऐसा ट्रेंड देखने को मिला है, जहां ज्यादातर महीनों में बिक्री बेहतर रही।
दैनिक उपयोग के उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में हालात सुधरे हैं। ग्रामीण इलाकों में मांग मजबूत बनी हुई है और शहरों में भी धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव का असर कुछ कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर पड़ा है। डाबर और इमामी जैसी कंपनियां इससे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, कुछ जगहों पर अचानक हुई बारिश से गर्मियों के उत्पाद जैसे टैल्कम पाउडर, ठंडे पेय और एनर्जी ड्रिंक की मांग पर असर पड़ा है। कंपनियों ने मार्च में हल्की कीमतें बढ़ाई हैं और अप्रैल में और बढ़ोतरी की तैयारी है, क्योंकि कच्चे माल की लागत बढ़ रही है।
पेंट और एडहेसिव सेक्टर में पिछले कुछ महीनों में मांग धीरे-धीरे सुधरी है। कंपनियों ने 5 से 8 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है, जिसका असर अप्रैल से दिखेगा। मार्च तिमाही में अच्छी मांग और स्टॉक भरने की वजह से कंपनियों की बिक्री और मुनाफा दोनों में सुधार की उम्मीद है। पिडिलाइट जैसी कंपनियां मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं।
शराब सेक्टर में तस्वीर थोड़ी अलग है। कुछ राज्यों में नीतियों और टैक्स बदलाव का असर पड़ा है, जिससे कुछ कंपनियों की बिक्री दबाव में रह सकती है। यूनाइटेड स्पिरिट्स की वॉल्यूम में गिरावट आ सकती है, जबकि रेडिको खैतान अच्छी बढ़ोतरी दिखा सकता है। बीयर की मांग पर भी गर्मी कमजोर रहने और राज्यवार असर पड़ा है।
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इनरवियर सेक्टर में भी लंबे समय के बाद मांग में सुधार दिखा है। मार्च तिमाही इस सेक्टर के लिए हमेशा मजबूत रहती है और इस बार त्योहारों का भी फायदा मिला है। ई-कॉमर्स चैनल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कंपनियों को सहारा मिला है। क्विक सर्विस रेस्टोरेंट यानी क्यूएसआर सेक्टर में भी सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से एलपीजी सप्लाई और लॉजिस्टिक्स में दिक्कतें आई हैं, जिससे संचालन पर असर पड़ा है। फिर भी कंपनियों ने वैकल्पिक उपाय अपनाकर काम जारी रखा है।
ज्वेलरी सेक्टर इस तिमाही का सबसे चमकदार सितारा बन सकता है। सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है। शादी और त्योहारों के सीजन ने बिक्री को सहारा दिया है। हालांकि, ऊंची कीमतों की वजह से मुनाफे के मार्जिन पर थोड़ा दबाव आ सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक टाइटन, रेडिको, मेरिको, ब्रिटानिया, नेस्ले और कल्याण ज्वेलर्स जैसे Consumer Stocks बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं कोलगेट, एचयूएल, इमामी, डाबर और यूबीबीएल का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।
रिपोर्ट साफ कहती है कि मार्च तिमाही में तो हालात ठीक दिख रहे हैं, लेकिन आगे की राह आसान नहीं है। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव से लोगों का खर्च कम हो सकता है। इसका असर कंपनियों की बिक्री और मुनाफे दोनों पर पड़ सकता है।
सीधी बात यह है कि खपत सेक्टर में सुधार की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन यह रफ्तार कितनी टिकेगी, यह अभी तय नहीं है। महंगाई और वैश्विक हालात आने वाले महीनों में इस कहानी की दिशा तय करेंगे।
| कंपनी का नाम | टारगेट प्राइस (रुपये) | रेटिंग |
|---|---|---|
| ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज | 7,000 | BUY |
| कोलगेट-पामोलिव | 2,150 | BUY |
| इमामी | 525 | BUY |
| गोदरेज कंज्यूमर | 1,300 | BUY |
| आईटीसी | 335 | BUY |
| एलटी फूड्स | 500 | BUY |
| मैरिको | 900 | BUY |
| टाटा कंज्यूमर | 1,370 | BUY |
| वरुण बेवरेजेस | 550 | BUY |
| इंडिगो पेंट्स | 1,100 | BUY |
| पेज इंडस्ट्रीज | 42,500 | BUY |
| रेडिको खेतान | 3,450 | BUY |
| देवयानी इंटरनेशनल | 155 | BUY |
| जुबिलेंट फूडवर्क्स | 500 | BUY |
| सैफायर फूड्स | 200 | BUY |
| कल्याण ज्वेलर्स | 550 | BUY |
| पीएन गाडगिल ज्वेलर्स | 750 | BUY |
| टाइटन कंपनी | 5,200 | BUY |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)