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मलेरिया की दवा ने बदली किस्मत! Anuh Pharma के शेयर में अचानक तूफानी तेजी

यह मंजूरी WHO के प्रीक्वालिफिकेशन ऑफ मेडिसिन्स प्रोग्राम के तहत दी गई है। इसका मतलब है कि अब यह दवा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस्तेमाल की जा सकेगी

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- May 05, 2026 | 4:32 PM IST

अनुह फार्मा के शेयरों में मंगलवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर बीएसई पर 6.6 प्रतिशत तक चढ़कर दिन के दौरान 85 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, दोपहर 12:16 बजे तक शेयर 6.15 प्रतिशत बढ़कर 84.6 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं, इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 0.74 प्रतिशत गिरकर 76,700.92 पर था।

कंपनी के शेयर में यह खरीदारी तब आई जब उसे एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिली। अनुह फार्मा को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमोडियाक्वीन हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी के लिए प्रीक्वालिफिकेशन (योग्यता) मंजूरी मिली है। यह दवा मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होती है।

यह मंजूरी WHO के प्रीक्वालिफिकेशन ऑफ मेडिसिन्स प्रोग्राम के तहत दी गई है। इसका मतलब है कि अब यह दवा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इस्तेमाल की जा सकेगी, खासकर उन कार्यक्रमों में जहां WHO या दान देने वाली संस्थाएं दवाइयां खरीदती हैं। यह दवा यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया (USP) के मानकों पर खरी उतरती है।

अमोडियाक्वीन हाइड्रोक्लोराइड को WHO ने जरूरी दवाओं की सूची में रखा है। इसका इस्तेमाल मलेरिया के इलाज में दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर किया जाता है। इस मंजूरी के बाद अनुह फार्मा अब दुनिया भर के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में दवा सप्लाई कर सकेगी, खासकर अफ्रीका और अन्य गर्म क्षेत्रों में जहां मलेरिया ज्यादा फैलता है।

इससे कंपनी की पहचान एक भरोसेमंद सप्लायर के रूप में और मजबूत होगी।

अनुह फार्मा लिमिटेड एक बल्क ड्रग्स बनाने वाली कंपनी है और यह एसके ग्रुप का हिस्सा है। इस ग्रुप का कुल कारोबार करीब 850 करोड़ रुपये है और इसमें 2,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी की शुरुआत 1960 में हुई थी। पिछले 60 सालों में यह मैक्रोलाइड्स और टीबी (क्षय रोग) की दवाओं की बड़ी निर्माता बन गई है। इसके अलावा कंपनी एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-मलेरियल और अन्य जरूरी दवाएं भी बनाती है।

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कंपनी का फोकस जरूरी दवाओं के कच्चे माल (API) बनाने पर है, जिससे उसने वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं। हाल की WHO मंजूरी से कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।

First Published : May 5, 2026 | 4:32 PM IST