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Banking Sector: मार्जिन पर दबाव बढ़ने के बीच बैंकिंग सेक्टर में अब कहां लगाएं पैसा? एंटीक ने बताए गए टॉप बैंक

इस बार बैंकिंग सेक्टर के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा मार्जिन और डिपॉजिट ग्रोथ की रही। बैंकों को अब ग्राहकों से ज्यादा ब्याज देकर जमा जुटानी पड़ रही है

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- May 26, 2026 | 9:13 AM IST

Banking Sector: चौथी तिमाही के नतीजों के बाद कई बड़े बैंक निवेशकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए। खासतौर पर प्राइवेट और सरकारी बैंकों के मार्जिन पर दबाव ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और SBI जैसे बड़े बैंक भी नतीजों के बाद बाजार में दबाव में दिखे। दूसरी तरफ, कुछ ऐसे बैंक जिनमें पहले दिक्कतें ज्यादा थीं, अब निवेशकों की पसंद बनते नजर आ रहे हैं।

Banking Sector: मार्जिन और जमा जुटाने की चुनौती बढ़ी

इस बार बैंकिंग सेक्टर के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा मार्जिन और डिपॉजिट ग्रोथ की रही। बैंकों को अब ग्राहकों से ज्यादा ब्याज देकर जमा जुटानी पड़ रही है, जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है। सरकारी बैंकों पर इसका असर ज्यादा दिखा क्योंकि उनकी ट्रेजरी इनकम भी कमजोर रही। बॉन्ड यील्ड बढ़ने की वजह से कई बैंकों को ट्रेडिंग लॉस भी उठाना पड़ा।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर भी दिख रहा है। इसके अलावा आने वाले समय में Expected Credit Loss यानी ECL फ्रेमवर्क लागू होने और वेतन संशोधन का दबाव भी सरकारी बैंकों की कमाई को प्रभावित कर सकता है।

जिन बैंकों से उम्मीद कम थी, उन्होंने चौंकाया

इस बार सबसे ज्यादा ध्यान उन बैंकों ने खींचा जिनके बारे में पहले बाजार ज्यादा भरोसे में नहीं था। Bandhan Bank में एसेट क्वालिटी को लेकर चिंता कम हुई है, जबकि RBL Bank और IDFC First Bank में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। बाजार को लग रहा है कि इन बैंकों में आने वाले समय में सुधार देखने को मिल सकता है।

हालांकि बड़े बैंकों की तुलना में इन बैंकों में जोखिम ज्यादा माना जाता है, लेकिन मजबूत ग्रोथ की उम्मीद के कारण इनमें दिलचस्पी बढ़ रही है।

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बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सबसे मजबूत दांव

भले ही हाल के महीनों में बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों में ज्यादा तेजी नहीं दिखी हो, लेकिन वैल्यूएशन के हिसाब से इन्हें काफी आकर्षक माना जा रहा है। एंटीक की रिपोर्ट के मुताबिक बड़े प्राइवेट बैंक पिछले कई सालों के मुकाबले काफी सस्ते स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। अगर RBI आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इन बैंकों के मार्जिन और कमाई में सुधार आ सकता है।

इसी वजह से HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank को सबसे मजबूत विकल्प माना गया है। वहीं छोटे प्राइवेट बैंकों में Ujjivan Small Finance Bank, Bandhan Bank और Federal Bank पर भरोसा जताया गया है। सरकारी बैंकों में SBI को बाकी बैंकों के मुकाबले बेहतर स्थिति में माना गया है।

Banking Sector: लोन ग्रोथ बढ़ी लेकिन रिटेल सेगमेंट कमजोर

बैंकों की लोन ग्रोथ में सुधार जरूर दिखा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा कॉरपोरेट और SME लोन से आया है। रिटेल लोन यानी आम ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन की ग्रोथ अब भी कमजोर बनी हुई है। दूसरी तरफ अच्छी बात यह रही कि बैंकों की एसेट क्वालिटी फिलहाल नियंत्रण में है। बैड कर्ज बढ़ने के संकेत अभी ज्यादा नहीं दिख रहे, लेकिन कई बैंकों ने भविष्य के जोखिम को देखते हुए अतिरिक्त प्रावधान बनाना शुरू कर दिया है।

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प्राइवेट बैंक आगे निकल सकते हैं

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि FY26 से FY28 के बीच प्राइवेट बैंकों की कमाई सरकारी बैंकों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ सकती है। प्राइवेट बैंकों की कमाई में करीब 17 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान है, जबकि PSU बैंकों की कमाई करीब 6 प्रतिशत बढ़ सकती है। यही वजह है कि मौजूदा माहौल में बड़े प्राइवेट बैंक निवेशकों के लिए ज्यादा सुरक्षित और मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं।

First Published : May 26, 2026 | 9:13 AM IST