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BPCL पर किसी ने दिया 265 रुपये तो किसी ने 350 रुपये का टारगेट, आखिर क्या करें निवेशक?

मार्च तिमाही में BPCL का स्टैंडअलोन EBITDA सालाना आधार पर करीब 30 प्रतिशत बढ़कर 10,060.8 करोड़ रुपये पहुंच गया

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निकिता वशिष्ठ   
Last Updated- May 21, 2026 | 3:23 PM IST

सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन यानी BPCL के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। गुरुवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर करीब 1.6 प्रतिशत चढ़ गया। मार्च तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद से अब तक शेयर करीब 4.5 प्रतिशत उछल चुका है। हालांकि इस दौरान सेंसेक्स में केवल 0.9 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। फिलहाल BPCL का शेयर करीब 296 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।

कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, लेकिन कई ब्रोकरेज हाउसेज अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, एलपीजी पर बढ़ता नुकसान, पेट्रोल-डीजल मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव और भारी कैपेक्स प्लान आने वाले समय में कंपनी की कमाई पर असर डाल सकते हैं।

BPCL के तिमाही नतीजे कैसे रहे?

मार्च तिमाही में BPCL का स्टैंडअलोन EBITDA सालाना आधार पर करीब 30 प्रतिशत बढ़कर 10,060.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी को इसका फायदा बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन से मिला। हालांकि कंपनी का शुद्ध मुनाफा यानी PAT ज्यादा मजबूत नहीं रहा। यह तिमाही दर तिमाही करीब 58 प्रतिशत गिरकर 3,191.5 करोड़ रुपये रहा। इसकी बड़ी वजह ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट और कंपनी की एक्सप्लोरेशन यूनिट BPRL से जुड़ा 4,350 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट चार्ज रहा।

कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन यानी GRM बढ़कर 18 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 13.2 डॉलर प्रति बैरल था। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से रिफाइनिंग मार्जिन को सपोर्ट मिला।

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LPG पर बढ़ रहा नुकसान बना चिंता

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक BPCL को मार्च तिमाही में इन्वेंट्री गेन और बेहतर मार्केटिंग मार्जिन का फायदा मिला। लेकिन ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता LPG पर बढ़ते नुकसान को लेकर है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक अप्रैल 2026 में LPG पर अंडर-रिकवरी करीब 170 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गई थी, जो मई में बढ़कर करीब 670 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई। जबकि मार्च तिमाही में यह आंकड़ा करीब 80 रुपये प्रति सिलेंडर था। ब्रोकरेज का कहना है कि हालिया कीमत बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल बिक्री पर भी नुकसान बना हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कच्चे तेल की महंगाई से बढ़ी परेशानी

JM Financial ने भी BPCL पर सतर्क रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं। कंपनी ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर 40-41 प्रतिशत कर दी है, जो पहले 31 प्रतिशत थी। हालांकि मौजूदा समय में कंपनी को मिलने वाला कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 10-12 डॉलर प्रति बैरल महंगा पड़ रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ता खर्च आने वाले समय में कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं।

BPCL का बड़ा कैपेक्स प्लान

BPCL ने FY27 के लिए 25,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान का ऐलान किया है। इसमें रिफाइनिंग प्रोजेक्ट्स, मार्केटिंग बिजनेस, गैस डिस्ट्रीब्यूशन और BPRL में निवेश शामिल है। ब्रोकरेज हाउसेज का कहना है कि लंबी अवधि में यह निवेश कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन फिलहाल इससे कैश फ्लो और मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है।

ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

BPCL के तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसेज की राय थोड़ी बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी ने इस बार अच्छे नतीजे दिए हैं, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा। खासकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और LPG पर बढ़ता नुकसान कंपनी की कमाई पर दबाव डाल सकते हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने BPCL पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है और 265 रुपये का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा कीमत से शेयर में करीब 10 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। ब्रोकरेज का कहना है कि मार्च तिमाही में कंपनी को इन्वेंट्री गेन और बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा मिला, लेकिन LPG पर नुकसान तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने खुद बताया कि मई में LPG पर नुकसान बढ़कर करीब 670 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गया। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है।

JM Financial भी BPCL को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं दिख रहा। ब्रोकरेज ने शेयर पर Reduce रेटिंग दी है और 285 रुपये का टारगेट रखा है। यानी मौजूदा स्तर से करीब 4 प्रतिशत गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी परेशानी महंगा कच्चा तेल है। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से तेल की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं, जिससे कंपनी की लागत बढ़ रही है।

वहीं PL Capital की राय थोड़ी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने Accumulate रेटिंग बरकरार रखी है और 325 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा कीमत से करीब 10 प्रतिशत तक की संभावित बढ़त दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि अभी कुछ समय तक दबाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

Emkay Global सबसे ज्यादा भरोसा दिखा रहा है। ब्रोकरेज ने BPCL पर Add रेटिंग रखते हुए 350 रुपये का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा स्तर से करीब 18 प्रतिशत तक तेजी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि आने वाली तिमाहियों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ता खर्च कंपनी के लिए चुनौती बने रह सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : May 21, 2026 | 2:57 PM IST