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पश्चिम एशिया तनाव से तेल बाजार में उबाल, ब्रेंट क्रूड $115 के पार; मार्च में 60% चढ़ा दाम

मार्च में ब्रेंट की कीमतें करीब 59 फीसदी बढ़ गई हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक बढ़त है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 31, 2026 | 8:17 AM IST

कच्चे तेल की कीमतें मंगलवार (31 मार्च) को लगातार चौथे दिन बढ़ीं। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध की वजह से सप्लाई कम हो रही है। इससे दाम ऊपर जा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड इस महीने अपने अब तक के सबसे बड़े उछाल की ओर बढ़ रहा है। जबकि अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमतों में 2020 के बाद सबसे ज्यादा मासिक बढ़त देखने को मिल रही है।

मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.26 डॉलर बढ़कर 115.04 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे पहले यह 19 मार्च के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। मई का कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को खत्म हो रहा है, जबकि जून का कॉन्ट्रैक्ट 108.96 डॉलर पर था। अमेरिकी कच्चे तेल यानी डब्लूटीआई की कीमत 3.10 डॉलर बढ़कर 105.96 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो 9 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

मार्च में 59% महंगा हुआ ब्रेंट क्रूड ऑइल

ईरान के स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ (समुद्री रास्ता) को प्रभावी रूप से बंद कर देने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इस रास्ते से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई और बड़ी मात्रा में गैस टैंकर गुजरते हैं। इसी वजह से मार्च में ब्रेंट की कीमतें करीब 59 फीसदी बढ़ गई हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। वहीं डब्ल्यूटीआई भी इस महीने 58 प्रतिशत चढ़ा है, जो मई 2020 के बाद सबसे ज्यादा है।

युद्ध के कारण समुद्री रास्तों से तेल सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है। कुवैत पेट्रोलियम कंपनी ने बताया कि उसका एक बड़ा तेल टैंकर ‘अल सल्मी’ दुबई पोर्ट पर ईरान के हमले का शिकार हुआ है। अधिकारियों ने इस इलाके में तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) की भी आशंका जताई है।

पश्चिम एशिया में नहीं घट रहा तनाव

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार को इजरायल पर मिसाइल से हमला किया। इससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। यह एक अहम समुद्री रास्ता है, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

सऊदी अरब ने अपने कच्चे तेल के निर्यात का रास्ता बदल दिया है। अब तेल को खाड़ी से हटाकर लाल सागर के यनबू बंदरगाह के जरिए भेजा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले हफ्ते यह मात्रा बढ़कर 46.58 लाख बैरल प्रतिदिन हो गई। जबकि जनवरी और फरवरी में यह औसतन 7.7 लाख बैरल प्रतिदिन थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को फिर से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और तेल कुओं को ‘पूरी तरह नष्ट’ कर देगा। यह बयान उस समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्तावों को ‘अनुचित’ बताया और हाल ही में इजरायल पर मिसाइल हमले किए।

First Published : March 31, 2026 | 7:51 AM IST