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5G और टैरिफ बढ़ोतरी से Airtel की कमाई बढ़ने की उम्मीद, 33% तक तेजी का अनुमान

मजबूत ग्राहक वृद्धि, बढ़ते 5G यूजर्स और बेहतर कैश फ्लो से एयरटेल पर बढ़ा भरोसा; कई ब्रोकरेज हाउस ने 29% तक तेजी की जताई उम्मीद

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- May 15, 2026 | 11:14 AM IST

Bharti Airtel Share Price: मार्च तिमाही के नतीजों के बाद भारती एयरटेल का शेयर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गया है। कंपनी लगातार नए ग्राहक जोड़ रही है, 5G यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और कारोबार से मजबूत कमाई भी हो रही है। इन वजहों से बाजार में एयरटेल को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इसी के चलते शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 2 प्रतिशत उछलकर 1,922.50 रुपये तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत स्थिति में बनी हुई है। कंपनी के प्रीमियम ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और डेटा इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आने वाले समय में मोबाइल रिचार्ज महंगे होते हैं, तो कंपनी की कमाई में और तेजी देखने को मिल सकती है।

कंपनी ने कैसे रहे नतीजे?

मार्च तिमाही में एयरटेल की कुल आय बढ़कर करीब 553.8 अरब रुपये रही। कंपनी ने इस दौरान 47 लाख नए वायरलेस ग्राहक जोड़े, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। इसके बाद कंपनी का कुल मोबाइल ग्राहक आधार बढ़कर 37 करोड़ से ज्यादा हो गया। हालांकि कंपनी का ARPU यानी एक ग्राहक से औसत कमाई 259 रुपये से हल्का घटकर 257 रुपये रही। इसकी एक बड़ी वजह इंटरनेशनल रोमिंग से कम कमाई और स्मार्टफोन अपग्रेड की धीमी रफ्तार रही। इसके बावजूद कंपनी का डेटा कारोबार मजबूत बना रहा। एयरटेल के 4G और 5G यूजर्स बढ़कर करीब 29.67 करोड़ तक पहुंच गए। वहीं हर ग्राहक का डेटा इस्तेमाल बढ़कर 31.4 जीबी प्रति माह हो गया।

5G खर्च कम होने से बढ़ सकता है मुनाफा

विश्लेषकों का कहना है कि एयरटेल का 5G नेटवर्क विस्तार अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी का बड़ा पूंजीगत खर्च यानी CapEx कम हो सकता है। जब किसी कंपनी का खर्च कम होता है और कमाई बढ़ती है, तो उसका फायदा सीधे मुनाफे और फ्री कैश फ्लो में दिखाई देता है। यही वजह है कि कई ब्रोकरेज हाउस एयरटेल को लंबी अवधि के लिए मजबूत दांव मान रहे हैं।

नुवामा ने कहा- टेलीकॉम सेक्टर में सबसे मजबूत दांव

ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने एयरटेल पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 2,550 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि एयरटेल की बैलेंस शीट मजबूत है और कंपनी लगातार अच्छा कैश फ्लो बना रही है। हालांकि नुवामा ने FY27 और FY28 के EBITDA अनुमान में थोड़ी कटौती की है, क्योंकि उसे पहले के मुकाबले थोड़ी धीमी ग्रोथ की उम्मीद है। इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एयरटेल सबसे मजबूत कंपनी बनी हुई है।

सेंट्रम को दिख रही 29% तक तेजी

सेंट्रम ब्रोकिंग ने एयरटेल पर ‘BUY’ रेटिंग देते हुए 2,431 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 29 प्रतिशत तक तेजी आ सकती है। सेंट्रम का कहना है कि कंपनी के वायरलेस, होम ब्रॉडबैंड, अफ्रीका बिजनेस और एंटरप्राइज कारोबार में लगातार अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि आने वाले समय में पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या बढ़ने, ग्राहकों के अपग्रेड होने और महंगे प्लान्स की हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनी की कमाई और मजबूत होगी।

एंटीक भी बुलिश, टैरिफ बढ़ोतरी से उम्मीद

एंटीक ब्रोकिंग ने भी एयरटेल पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 2,270 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी लगातार नए ग्राहक जोड़ रही है और आने वाले महीनों में टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना भी बनी हुई है। इससे एयरटेल की कमाई को बड़ा सहारा मिल सकता है। एंटीक के मुताबिक, 5G, होम ब्रॉडबैंड, क्लाउड सर्विस, डेटा सेंटर और प्रीमियम डेटा सेवाएं अगले 2-3 साल में एयरटेल की ग्रोथ को मजबूत बनाए रख सकती हैं।

एमके ने घटाया टारगेट प्राइस, REDUCE रेटिंग बरकरार

एमके के मुताबिक, भारती एयरटेल के मार्च तिमाही नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे। कंपनी ने 47 लाख नए ग्राहक जोड़े, जो बाजार के अनुमान से ज्यादा रहे। हालांकि, ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत आय 257 रुपये रही, जो उम्मीद से थोड़ी कम रही। वहीं अफ्रीका कारोबार में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली।

ब्रोकरेज का कहना है कि एयरटेल का कारोबार मजबूत बना हुआ है, लेकिन टैरिफ बढ़ोतरी नहीं होने और स्मार्टफोन महंगे होने से ARPU ग्रोथ पर दबाव रह सकता है। इसी वजह से बाजार ने FY28 के ARPU अनुमान भी घटाए हैं।

एमके ग्लोबल ने एयरटेल पर ‘REDUCE’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 2,000 रुपये से घटाकर 1,900 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का वैल्यूएशन अभी ऊंचा बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : May 15, 2026 | 10:11 AM IST