मंगलवार को शेयर बाजार में कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 5,614 के नए 52 हफ्तों के हाई पर पहुंच गया। इससे पहले यह इंडेक्स 8 मई को अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर पर था। बाजार में तेजी का असर बीएसई और एमसीएक्स जैसे शेयरों पर सबसे ज्यादा दिखा। बीएसई का शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर रिकॉर्ड स्तर 4,299 रुपये तक पहुंच गया, जबकि एमसीएक्स का शेयर भी 3 फीसदी मजबूत होकर नए हाई पर पहुंच गया।
इसके अलावा एंजेल वन, एचडीएफसी एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, नुवामा वेल्थ, मोतीलाल ओसवाल, ग्रो और सीडीएसएल जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयर 2 फीसदी से लेकर 7 फीसदी तक चढ़ गए।
अप्रैल 2026 से अब तक कैपिटल मार्केट इंडेक्स ने बाकी बाजार के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां निफ्टी 50 इस दौरान करीब 6 फीसदी चढ़ा है, वहीं निफ्टी कैपिटल मार्केट इंडेक्स में करीब 31 फीसदी की तेजी आई है। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर लगातार बढ़ रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में भारत में शेयर बाजार में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। नए डीमैट अकाउंट खुल रहे हैं, लोग SIP और म्युचुअल फंड में ज्यादा निवेश कर रहे हैं और ट्रेडिंग एक्टिविटी भी लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा ब्रोकिंग कंपनियों, स्टॉक एक्सचेंज और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को मिल रहा है।
Also Read: एक दिन में 4% टूटा KEC शेयर, लेकिन ब्रोकरेज अब भी BUY की सलाह क्यों दे रहे हैं?
एमसीएक्स के शेयरों में तेजी की बड़ी वजह कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। जनवरी से मार्च 2026 तिमाही में सोना और कच्चे तेल जैसी कमोडिटी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार में जितनी ज्यादा हलचल होती है, ट्रेडिंग उतनी बढ़ती है और एक्सचेंज की कमाई भी बढ़ती है।
इसी वजह से एमसीएक्स का कारोबार मजबूत रहा और कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 75 फीसदी तक पहुंच गया। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि कंपनी का खर्च नियंत्रण में है और आगे भी कारोबार बढ़ने से मुनाफा मजबूत बना रह सकता है। हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि अप्रैल और मई में ट्रेडिंग वॉल्यूम थोड़ा नरम पड़ा है, लेकिन लंबे समय में ऑप्शन ट्रेडिंग और नए प्रोडक्ट्स से कंपनी को फायदा मिल सकता है।
एंजेल वन भी इस तेजी का बड़ा हिस्सा रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ रही निवेश संस्कृति का फायदा कंपनी को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग पहली बार शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एंजेल वन के पास बड़ा ग्राहक बेस है और कंपनी अपने ग्राहकों को सिर्फ ट्रेडिंग ही नहीं बल्कि म्युचुअल फंड, वेल्थ मैनेजमेंट और दूसरे निवेश प्रोडक्ट भी बेच रही है। यही वजह है कि कंपनी की कमाई तेजी से बढ़ रही है।
जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में कंपनी की कमाई 30 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ सकती है। हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़े नियमों में बदलाव कंपनी के लिए जोखिम बन सकते हैं।
एचडीएफसी एएमसी, आईसीआईसीआई एएमसी और आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी जैसी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी बनी हुई है। इसकी वजह लगातार बढ़ता म्युचुअल फंड निवेश है। एक्विरस सिक्योरिटीज के मुताबिक इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और SIP के जरिए लगातार पैसा आ रहा है। इससे इन कंपनियों की एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM लगातार बढ़ रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले कुछ सालों में इन कंपनियों का कारोबार 15 से 18 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में वित्तीय निवेश का ट्रेंड अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले समय में और ज्यादा लोग शेयर बाजार और म्युचुअल फंड से जुड़ सकते हैं। ऐसे में ब्रोकिंग कंपनियों, एक्सचेंज और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के कारोबार में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी बदलाव जैसे जोखिम बने रहेंगे, लेकिन फिलहाल निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर मजबूत दिखाई दे रहा है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)