शुक्रवार, 8 मई को डाबर इंडिया के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजे आने के बाद कंपनी का शेयर करीब 4 प्रतिशत तक चढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे और भारत कारोबार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। हालांकि, कंपनी के पुराने कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए ब्रोकरेज फर्में आगे की ग्रोथ को लेकर अभी भी सतर्क नजर आ रही हैं। बीएसई पर डाबर इंडिया का शेयर 3.7 प्रतिशत बढ़कर 487.6 रुपये तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान शेयर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी सामान्य से काफी ज्यादा रहा।
मार्च तिमाही में डाबर इंडिया की कुल आय सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत बढ़ी। इसमें भारत कारोबार की आय में 10 प्रतिशत की मजबूत बढ़त रही। कंपनी के होम एंड पर्सनल केयर (HPC) कारोबार में सबसे ज्यादा 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं हेल्थकेयर कारोबार में करीब 4 प्रतिशत और फूड एंड बेवरेज कारोबार में 3 प्रतिशत की बढ़त रही। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि साल की दूसरी छमाही में HPC कारोबार में मांग बेहतर हुई है और आगे भी यह रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है। साथ ही, बेहतर गर्मी के मौसम और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की तुलना में कम कीमत अंतर के कारण बेवरेज कारोबार में भी सुधार की संभावना जताई गई है।
डाबर इंडिया ने FY27 के लिए भारत कारोबार की आय वृद्धि का अनुमान बढ़ा दिया है। पहले कंपनी ‘हाई सिंगल डिजिट’ ग्रोथ की उम्मीद कर रही थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ‘लो डबल डिजिट’ कर दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि FY26 में कंपनी की आय वृद्धि 5 प्रतिशत रही, जबकि FY25 में यह केवल 1.3 प्रतिशत थी। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में खपत बढ़ने की संभावना अच्छी है, लेकिन डाबर का पुराना कमजोर क्रियान्वयन रिकॉर्ड चिंता का विषय बना हुआ है।
कंपनी की भारत कारोबार वॉल्यूम ग्रोथ 6 प्रतिशत रही, जो पिछली तिमाही में 3 प्रतिशत थी। ग्रामीण बाजार की मांग शहरी बाजार की तुलना में करीब 350 बेसिस प्वाइंट ज्यादा तेज रही। हालांकि, वैश्विक ब्रोकरेज नोमुरा ने कहा कि डाबर की वॉल्यूम ग्रोथ अभी भी प्रतिस्पर्धियों से कम रही। नोमुरा के मुताबिक, मैरिको की वॉल्यूम ग्रोथ 9 प्रतिशत और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की 8 प्रतिशत रही।
मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 461.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध लाभ 15.1 प्रतिशत बढ़कर 368.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 160 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 48.3 प्रतिशत हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 15.2 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
प्रबंधन का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और लागत बचत के जरिए भारत कारोबार के मार्जिन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश जारी रहेगी। कंपनी ने बढ़ती लागत का असर कम करने के लिए अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कुछ छोटे पैक में मात्रा भी कम की गई है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने डाबर इंडिया के शेयर पर अपनी रेटिंग ‘होल्ड’ से बढ़ाकर ‘ऐड’ कर दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अब बेहतर ग्रोथ के दौर में प्रवेश कर सकती है क्योंकि HPC कारोबार मजबूत बना हुआ है, बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है और हेल्थकेयर कारोबार में भी सुधार दिख रहा है। ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए कमाई अनुमान बढ़ाए हैं और शेयर का टारगेट प्राइस 450 रुपये से बढ़ाकर 530 रुपये कर दिया है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग और 475 रुपये का टारगेट बरकरार रखा है। नोमुरा ने भी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखते हुए शेयर का टारगेट 600 रुपये रखा है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)