स्मॉल फाइनेंस बैंकों की बात होती है तो अक्सर निवेशकों का फोकस ग्रोथ और जोखिम के बीच संतुलन पर रहता है। लेकिन Equitas Small Finance Bank अब खुद को सिर्फ एक छोटे बैंक के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे संस्थान के रूप में पेश कर रहा है जो अगले कुछ सालों में तेजी से बढ़ने की तैयारी कर चुका है। बैंक का कहना है कि पिछले कई सालों में उसने जो बुनियादी तैयारी करनी थी, वह काफी हद तक पूरी हो चुकी है। अब फोकस कारोबार बढ़ाने और उससे ज्यादा कमाई निकालने पर है।
इसी वजह से बाजार के कई विश्लेषकों की नजर इस बैंक पर बनी हुई है। उनका मानना है कि बैंक अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहां पुरानी तैयारियों का फायदा दिखना शुरू हो सकता है। खास बात यह है कि बैंक की ग्रोथ रणनीति सुरक्षित कर्ज, बेहतर जमा जुटाने और लागत कम करने पर आधारित है, जिससे आने वाले सालों में प्रदर्शन मजबूत रह सकता है।
हाल में हुए एनालिस्ट मीट में बैंक मैनेजमेंट ने बताया कि वह अगले पांच सालों में 20 फीसदी से ज्यादा की दर से कारोबार बढ़ाने का टारगेट लेकर चल रहा है। बैंक की योजना स्मॉल बिजनेस लोन, व्हीकल फाइनेंस और होम लोन जैसे सुरक्षित कर्ज वाले सेगमेंट पर ज्यादा फोकस करने की है। वहीं माइक्रोफाइनेंस कारोबार की हिस्सेदारी को कुल लोन बुक के करीब 10 फीसदी तक सीमित रखने की रणनीति है। मैनेजमेंट के मुताबिक वित्त वर्ष 2031 तक बैंक का लोन बुक करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये और जमा राशि करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का टारगेट है।
Also Read: Vedanta Demerger: 15 जून को लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां, शेयरधारकों को मिलेगा बड़ा फायदा
बैंक का मानना है कि पिछले कई सालों में शाखाएं बढ़ाने, टेक्नोलॉजी मजबूत करने और जमा कारोबार खड़ा करने पर बड़ा निवेश किया गया है। अब इनमें से ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। यानी आगे कारोबार बढ़ने पर उसकी तुलना में खर्च कम बढ़ेगा और इसका फायदा सीधे मुनाफे में दिख सकता है। बैंक को उम्मीद है कि शाखाओं की उत्पादकता भी आने वाले सालों में काफी बेहतर होगी।
बैंक का कहना है कि उसके प्रमुख कारोबार वाले सेगमेंट में एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है। खासकर स्मॉल बिजनेस लोन और व्हीकल फाइनेंस पोर्टफोलियो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मैनेजमेंट का अनुमान है कि आने वाले समय में क्रेडिट कॉस्ट 1.25 से 1.5 फीसदी के बीच रह सकती है। वहीं बैंक धीरे-धीरे अपनी कमाई की क्षमता यानी RoA को भी बेहतर करने की कोशिश में है।
बैंक अब ज्यादा बचत और चालू खाते यानी CASA बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही वह अपने ELITE प्रोग्राम के जरिए ज्यादा आय वाले ग्राहकों को जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। मैनेजमेंट का टारगेट अगले कुछ सालों में CASA अनुपात को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 30-33 फीसदी तक पहुंचाने का है।
Also Read: RBI के नए कदमों से ICICI Bank, HDFC Bank और SBI को बड़ा फायदा? मोतीलाल ओसवाल बुलिश
एनालिस्ट मीट में बैंक मैनेजमेंट ने यह भी संकेत दिया कि वह यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए जरूरी अधिकांश मानकों को पूरा करता है। आने वाली कुछ तिमाहियों में इस दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो बैंक के लिए कारोबार बढ़ाने के नए अवसर खुल सकते हैं और उसकी बाजार में स्थिति और मजबूत हो सकती है।
इन संभावनाओं को देखते हुए कई ब्रोकरेज हाउस शेयर को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। सेंट्रम ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग देते हुए 80 रुपये का टारगेट रखा है। वहीं मोतीलाल ओसवाल और एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने 85 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि मजबूत ग्रोथ, बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज, स्थिर एसेट क्वालिटी और यूनिवर्सल बैंक बनने की संभावना आने वाले सालों में बैंक के प्रदर्शन को सहारा दे सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)