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FMCG सेक्टर में किन शेयरों पर बुलिश है एंटीक? GCPL, Marico और Bajaj Consumer बने पसंद

महंगाई के बावजूद रोजमर्रा के सामानों की मांग बरकरार, FMCG कंपनियों को मिला बड़ा सहारा

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- May 14, 2026 | 2:05 PM IST

महंगाई और कच्चे माल की बढ़ती लागत के बावजूद अप्रैल 2026 में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामानों की मांग अच्छी बनी रही। आमतौर पर अप्रैल में बिक्री की रफ्तार पिछले महीने के मुकाबले थोड़ी धीमी पड़ती है, लेकिन इस बार कई कंपनियों के उत्पादों की खरीदारी मजबूत रही। खास बात यह रही कि छोटी किराना दुकानों और सामान्य दुकानों वाले कारोबार में फिर से सुधार देखने को मिला।

बाजार की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिस्कुट, पैकेट वाले खाने, नारियल तेल, मच्छर भगाने वाले उत्पाद, साबुन और सफाई से जुड़े सामानों की मांग अलग-अलग स्तर पर बनी रही। कुछ कंपनियों को गांवों में बढ़ती पहुंच का फायदा मिला, तो कुछ को शहरों में बेहतर बिक्री से सहारा मिला। हालांकि सभी कंपनियों की तस्वीर एक जैसी नहीं रही। कहीं मौसम ने असर डाला, तो कहीं ज्यादा छूट देने के बावजूद बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी।

ब्रिटानिया के बिस्कुट चले, लेकिन केक और डेयरी में थोड़ी सुस्ती

एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटानिया के मुख्य उत्पादों की मांग अच्छी रही। कंपनी के बिस्कुट और रोजाना इस्तेमाल वाले खाने-पीने के उत्पादों में ग्राहकों की खरीदारी बनी रही। इससे कंपनी के मुख्य कारोबार को सहारा मिला। हालांकि केक और डेयरी उत्पादों में थोड़ी नरमी देखने को मिली। यानी इन श्रेणियों में बिक्री की रफ्तार उतनी मजबूत नहीं रही, जितनी कंपनी के बाकी मुख्य उत्पादों में रही। पूर्वी भारत का बाजार भी बाकी इलाकों के मुकाबले थोड़ा कमजोर रहा।

नेस्ले को प्रचार और गांवों से मिला फायदा

नेस्ले की बिक्री अप्रैल में कई श्रेणियों में मजबूत रही। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने प्रचार-प्रसार पर ज्यादा खर्च किया और गांवों तक अपनी पहुंच बढ़ाई। इसका असर बिक्री पर दिखा। गांवों में कंपनी के उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने से मांग को सहारा मिला। इसके अलावा ग्राहकों के बीच ब्रांड की मजबूत पहचान भी कंपनी के पक्ष में रही।

हिंदुस्तान यूनिलीवर कीमतें बढ़ा सकती है

हिंदुस्तान यूनिलीवर को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने दुकानदारों और वितरकों को दिए जाने वाले अतिरिक्त फायदे कम करने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर कंपनियां बिक्री बढ़ाने के लिए दुकानदारों को ज्यादा मार्जिन या प्रोत्साहन देती हैं, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनी अब इन्हें घटा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका असर आने वाले समय में ग्राहकों पर भी दिख सकता है। माना जा रहा है कि कंपनी अगले महीने से कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ा सकती है। यानी साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट या रोजमर्रा के कुछ सामान आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं।

मैरिको को नारियल तेल और निहार से मदद

मैरिको के वितरकों ने अप्रैल में अपने बिक्री लक्ष्य हासिल किए। इसमें निहार ब्रांड पर ज्यादा प्रोत्साहन और नारियल तेल की लगातार मांग ने मदद की। नारियल तेल कंपनी के लिए अहम उत्पाद है और इसकी मांग बनी रहने से मैरिको को फायदा मिला। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने व्यापारियों को बेहतर प्रोत्साहन दिया, जिससे बिक्री को सहारा मिला।

गोदरेज कंज्यूमर के मच्छर भगाने वाले उत्पादों की मांग तेज

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मच्छर भगाने वाले उत्पादों की मांग अप्रैल में अच्छी रही। खासतौर पर अगरबत्ती वाले उत्पादों की बिक्री मजबूत रही। रिपोर्ट के मुताबिक इस श्रेणी में शहरों की मांग गांवों से ज्यादा तेज रही। इसके अलावा स्पिक और फैब जैसे उत्पादों में भी अच्छा रुझान देखने को मिला। इसका मतलब है कि कंपनी के घरेलू इस्तेमाल वाले उत्पादों को ग्राहकों से अच्छा समर्थन मिला।

ज्योति लैब्स को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिला

ज्योति लैब्स की स्थिति थोड़ी कमजोर रही। कंपनी के साबुन ब्रांड मार्गो की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी। इसके अलावा एक्सो और उजाला जैसे उत्पादों की रफ्तार में भी खास सुधार नहीं दिखा। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने बिक्री बढ़ाने के लिए दुकानदारों और वितरकों को ज्यादा प्रोत्साहन दिया, लेकिन इसके बावजूद बिक्री में बड़ा सुधार नहीं आया। इसके अलावा प्रिल ब्रांड का लाइसेंस आगे नहीं बढ़ने का असर भी कंपनी के अनुमान पर पड़ा है। इसी वजह से एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने ज्योति लैब्स पर इंतजार करने की सलाह बनाए रखी है।

इमामी के डर्मिकूल पर मौसम भारी पड़ा

इमामी के डर्मिकूल ब्रांड की बिक्री पर मौसम का असर पड़ा। दक्षिण और पूर्वी भारत में मौसम अचानक बेहतर हो गया, जिससे गर्मी से राहत देने वाले उत्पादों की मांग कमजोर पड़ी। डर्मिकूल जैसे उत्पादों की बिक्री आमतौर पर गर्मी बढ़ने पर तेज होती है। लेकिन अगर मौसम जल्दी सामान्य हो जाए या गर्मी कम पड़े, तो ऐसे उत्पादों की मांग पर सीधा असर पड़ता है। अप्रैल में यही स्थिति देखने को मिली।

डीमार्ट ने नए निजी ब्रांड उतारे

डीमार्ट के स्टोर विजिट में यह बात सामने आई कि कंपनी ने कई नई श्रेणियों में अपने निजी ब्रांड के उत्पाद उतारे हैं। इनमें तैयार खाने, आम के जूस, बाथरूम क्लीनर और फ्लोर क्लीनर जैसे उत्पाद शामिल हैं। निजी ब्रांड से कंपनियों को आमतौर पर बेहतर मुनाफा मिलता है, क्योंकि ये उत्पाद सीधे अपने नाम से बेचे जाते हैं। डीमार्ट की यह रणनीति आने वाले समय में ग्राहकों को सस्ते विकल्प देने और कंपनी को बेहतर कमाई दिलाने में मदद कर सकती है।

किन कंपनियों पर ज्यादा भरोसा?

एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने रोजमर्रा के सामानों के क्षेत्र में गोदरेज कंज्यूमर, मैरिको और बजाज कंज्यूमर को अपनी पसंद बताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि इन कंपनियों की मांग बेहतर बनी हुई है और आने वाले समय में इनका कारोबार मजबूत रह सकता है। वहीं ज्योति लैब्स को लेकर ब्रोकरेज थोड़ा सतर्क है। कंपनी के कुछ उत्पादों की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है, इसलिए इस शेयर पर फिलहाल इंतजार (Hold) करने की सलाह दी गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : May 14, 2026 | 2:00 PM IST