facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

निवेशकों से 27.5 करोड़ डॉलर की इक्विटी जुटाएगी ग्रीनलाइन मोबिलिटी

मुंबई की यह कंपनी फिलहाल देश में एलएनजी वाले 650 ट्रकों के बेड़े का संचालन करती है।

Last Updated- April 06, 2025 | 10:35 PM IST
EV
प्रतीकात्मक तस्वीर

एस्सार समूह के निवेश वाली लॉजिस्टिक कंपनी ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रवर्तकों और निवेशकों के समूह से 27.5 करोड़ डॉलर की इक्विटी जुटा रही है। इसके मूल्यांकन के बारे में नहीं बताया गया है। इन निवेशकों में ऑनलाइन शेयर-कारोबार प्लेटफॉर्म जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत भी शामिल हैं।

मुंबई की यह कंपनी फिलहाल देश में एलएनजी वाले 650 ट्रकों के बेड़े का संचालन करती है। उसका लक्ष्य तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और बिजली से चलने वाले भारी वाहनों को अगले कुछ साल के दौरान बढ़ाकर 10,000 तक करना है। इक्विटी समेत एक अरब डॉलर का नया निवेश भारतीय कंपनियों को हरित लॉजिस्टिक विकल्प प्रदान करने की ग्रीनलाइन की महत्त्वाकांक्षा दर्शाता है।

एस्सार के निदेशक अंशुमान रुइया ने कहा, ‘सड़क लॉजिस्टिक को कार्बन मुक्त करने में यह निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ई-ड्राइव पहल के अनुरूप है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के कम कार्बन के भविष्य का सपना साकार हो रहा है और ग्रीनलाइन इसमें सबसे आगे है।’ उसके एलएनजी ट्रकों को एक सहयोगी कंपनी से इटली की विनिर्माता कंपनी इवेको के साथ तकनीकी और इक्विटी गठजोड़ के जरिये हासिल किया जा रहा है।

इस बदलाव का समर्थन करने के लिए एक सहयोगी कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग पॉइंट और बैटरी-स्वैपिंग सुविधाओं के साथ एलएनजी ईंधन भरने वाले 100 स्टेशन स्थापित करेगी। यह कदम परिवहन का कम उत्सर्जन वाला बुनियादी ढांचा मुहैया कराने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

भारत और चीन दोनों ही मालवाहक परिचालकों को डीजल से दूर कर रहे हैं। चीन में साल 2021 में डीजल ट्रकों की बिक्री शीर्ष स्तर पर चली गई थी। उसके बाद भारी-भरकम वाहनों के बेड़े में साल 2024 में एलएनजी ट्रकों की हिस्सेदारी नौ प्रतिशत से अधिक हो गई। भारत में भी इसी तरह के बदलाव की उम्मीद है, जहां सरकार की नीति हरित परिवहन के पक्ष
में है।

First Published - April 6, 2025 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट