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550% का बड़ा डिविडेंड! Vedanta Group की कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर पर यह 550 प्रतिशत बैठता है

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ऋषभ राज   
Last Updated- April 26, 2026 | 6:26 PM IST

वेदांता ग्रुप की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने अपने निवेशकों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। कंपनी ने 31 मार्च को समाप्त हुई चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के साथ-साथ एक बड़े डिविडेंड की भी घोषणा की। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर पर यह 550 प्रतिशत बैठता है। इस भारी-भरकम डिविडेंड के जरिए कंपनी कुल 4,648 करोड़ रुपये की राशि अपने शेयरधारकों के बीच बांटेगी।

डिविडेंड का मतलब कंपनी के उस मुनाफे से होता है, जिसे वह अपने निवेशकों के साथ साझा करती है। उदाहरण के तौर पर समझें तो, यदि किसी निवेशक के पास हिंदुस्तान जिंक के 100 शेयर हैं, तो उसे 11 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से कुल 1,100 रुपये का नकद मिलेगा (टैक्स कटने से पहले)। कंपनी ने इसके लिए 30 अप्रैल, 2026 (गुरुवार) को ‘रिकॉर्ड डेट’ तय किया है। यानी जिन निवेशकों के नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें ही इस डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

मुनाफे और रेवेन्यू में दर्ज की गई जबरदस्त बढ़त

हिंदुस्तान जिंक के लिए यह तिमाही ऑपरेशनल और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर ऐतिहासिक रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 5,033 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले कहीं अधिक है। मुनाफे में आई इस भारी उछाल के पीछे धातुओं की बढ़ती कीमतें और कंपनी का बेहतर प्रदर्शन मुख्य वजह रहे हैं।

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अगर तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) तुलना करें, तो कंपनी के मुनाफे में करीब 28.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू भी 49 प्रतिशत की छलांग लगाकर 13,544 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 10,980 करोड़ रुपये था।

मार्जिन और कामकाज में सुधार का दिखा असर

कंपनी की कमाई की क्षमता यानी EBITDA में भी जबरदस्त मजबूती देखी गई है। इस तिमाही में EBITDA सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 7,706 करोड़ रुपये रहा। सबसे प्रभावित करने वाली बात कंपनी का EBITDA मार्जिन रहा, जो सुधरकर 56.9 प्रतिशत पर पहुंच गया है। पिछले साल यह 53 प्रतिशत था, जिसका मतलब है कि कंपनी ने अपनी लागत पर बेहतर नियंत्रण पाया है और उसकी कार्यकुशलता में सुधार हुआ है। वेदांता लिमिटेड की इस सहयोगी कंपनी ने न केवल अपने कारोबार को विस्तार दिया है, बल्कि अपने शेयरधारकों को भी मुनाफे में बराबर का हिस्सेदार बनाया है।

First Published : April 26, 2026 | 6:22 PM IST