Industrial Diesel Price Hike: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब भारत के कई सेक्टरों पर दिखने लगा है। हाल ही में ऑयल कंपनियों ने औद्योगिक डीजल की कीमत में करीब 21% की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल का दाम ₹92.68 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹112 कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण हुई है। इसका सीधा असर अब शुगर और माइनिंग कंपनियों पर पड़ता दिख रहा है, क्योंकि इन सेक्टरों में डीजल का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है।
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि डीजल महंगा होने से शुगर मिलों की लागत बढ़ेगी, जिससे उनका मुनाफा दब सकता है। शुगर कंपनियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से बिजनेस चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं माइनिंग सेक्टर में भी डीजल एक बड़ा खर्च होता है। इसलिए यहां लागत बढ़ने से पूरे सेक्टर पर असर पड़ सकता है और इसका असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी दिख सकता है।
इस अनिश्चित माहौल के बीच Choice Broking के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट सचिन गुप्ता ने कुछ प्रमुख शेयरों पर ट्रेडिंग रणनीति दी है।
कोल इंडिया का शेयर इस महीने ₹476 के 52 हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है और इसके चार्ट में लगातार ऊंचे स्तर (higher highs) और ऊंचे निचले स्तर (higher lows) बनते दिख रहे हैं। Choice Broking के सचिन गुप्ता के मुताबिक, यह संकेत है कि शेयर अब लंबे समय से चल रही सीमित रेंज से बाहर निकलकर तेजी के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो यह शेयर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिसे “गोल्डन अलाइनमेंट” कहा जाता है। 50 दिन का साधारण मूविंग एवरेज (SMA) करीब ₹434 और 200 दिन का SMA लगभग ₹399 पर है, जो इस शेयर के लिए मजबूत सपोर्ट का काम कर रहे हैं।
सचिन गुप्ता की सलाह है कि इस शेयर में गिरावट आने पर खरीदारी करनी चाहिए। उनके अनुसार ₹450–₹455 से लेकर ₹445 तक का स्तर मजबूत सपोर्ट हो सकता है। जब तक ₹445 का स्तर बना रहता है, तब तक शेयर में ऊपर की ओर ₹480 से ₹500 तक जाने की संभावना बनी हुई है।
हिंदुस्तान जिंक के शेयर में हाल की गिरावट को बड़ी कमजोरी नहीं माना जा रहा है। एक्सपर्ट सचिन गुप्ता के मुताबिक, शेयर अभी भी ऊपर जाने वाले ट्रेंड में है और इसका पैटर्न मजबूत बना हुआ है। यह शेयर अपने लंबे समय के औसत स्तर (100 हफ्ते और 200 हफ्ते EMA) से ऊपर बना हुआ है, जो अच्छी बात मानी जाती है। ₹450 से ₹470 के बीच का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जहां से शेयर को सहारा मिल सकता है। एक्सपर्ट की सलाह है कि जब शेयर इस रेंज के आसपास आए, तब धीरे-धीरे खरीदारी की जा सकती है। ऊपर की तरफ ₹550 से ₹570 के बीच का स्तर एक मजबूत रुकावट बन सकता है, जहां शेयर को आगे बढ़ने में मुश्किल आ सकती है।
EID Parry का शेयर इस समय अपने 200 हफ्ते के EMA के पास ट्रेड कर रहा है, जिसे आमतौर पर मजबूत सपोर्ट माना जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, पहले भी इस स्तर पर शेयर में खरीदारी देखने को मिली है, इसलिए यहां से ऊपर जाने की संभावना बन सकती है। साथ ही, RSI करीब 30 पर है, जो बताता है कि शेयर अभी “ओवरसोल्ड” स्थिति में है। आसान शब्दों में, शेयर में काफी गिरावट हो चुकी है और अब इसमें थोड़ी तेजी (उछाल) आ सकती है। इन संकेतों को देखते हुए एक्सपर्ट की सलाह है कि मौजूदा स्तर पर इस शेयर में धीरे-धीरे खरीदारी की जा सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)