आईपीओ

फ्लिपकार्ट की ‘घर वापसी’: सिंगापुर छोड़ अब पूरी तरह भारतीय हो जाएगी कंपनी, जल्द आएगा मेगा IPO

सूत्रों ने कहा कि कंपनी को करीब तीन महीने पहले ही कई संस्थाओं के विलय के लिए राष्ट्रीय कंपनी वि​धिक पंचाट (एनसीएलटी) से हरी झंडी मिल गई थी

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पीरज़ादा अबरार   
Last Updated- March 09, 2026 | 10:09 PM IST

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी होल्डिंग कंपनी के स्थायी पते को सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कंपनी के संभावित आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिहाज से इसे एक महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक कदम माना जा  रहा है। 

इस बारे में केंद्र सरकार से मिली अंतिम मंजूरी काफी महत्त्वपूर्ण थी। उसमें प्रेस नोट 3 मंजूरी भी शामिल थी जो कुछ पड़ोसी देशों के निवेशकों के लिए मामला दर मामला विदेशी निवेश की मंजूरी से संबंधित है। चीन के एक प्रमुख प्रौद्योगिकी समूह टेनसेंट की फ्लिपकार्ट में 5 से 6 फीसदी हिस्सेदारी है।

सूत्रों ने कहा कि कंपनी को करीब तीन महीने पहले ही कई संस्थाओं के विलय के लिए राष्ट्रीय कंपनी वि​धिक पंचाट (एनसीएलटी) से हरी झंडी मिल गई थी। यह फ्लिपकार्ट के स्थायी पते को कानूनी तौर पर सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक थी। मगर रिवर्स फ्लिपिंग यानी वतन वापसी के लिए कंपनी में टेनसेंट की अल्पांश हिस्सेदारी के लिए प्रेस नोट 3  मंजूरी का इंतजार था।

हाल में सरकारी अधिकारियों ने चीन के मामले में विदेशी निवेश नीति में ढील देने का संकेत दिया है। फ्लिपकार्ट की भारत वापसी में 15 साल लग गए।  उसने 2011 में अपनी होल्डिंग कंपनी को सिंगापुर में स्थानांतरित कर दिया था। उस दौरान विदेश में अधिक अनुकूल नियामकीय माहौल के मद्देनजर इसे एक महत्त्वूपर्ण कदम माना गया था। विश्लेषकों का कहना है कि अब फ्लिपकार्ट की वतन वापसी का उद्देश्य एक मेगा आईपीओ से पहले कॉरपोरेट ढांचे को सरल करना है।

फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट को आंतरिक पुनर्गठन के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। उसके अनुसार फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अब फ्लिपकार्ट समूह की होल्डिंग कंपनी है।’ उन्होंने कहा, ‘इससे फ्लिपकार्ट समूह की वतन वापसी होगी। यह एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है जो भारत के प्रति हमारी गहरी और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’

प्रवक्ता ने कहा कि यह पूरी तरह एक भारतीय कंपनी के रूप में फ्लिपकार्ट की वृद्धि का अगला चरण होगा।

मामले से अवगत लोगों ने कहा कि फ्लिपकार्ट कैलेंडर वर्ष 2026 के अंत या 2027 में अपने आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में दस्तक दे सकती है जो बाजार की ​स्थितियों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि वैसे वॉलमार्ट के निवेश वाली दो कंपनियों फोनपे और फ्लिपकार्ट को एक ही साल सूचीबद्ध किए जाने की संभावना नहीं है। फिनटेक फर्म फोनपे को इसी साल सूचीबद्ध कराया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, फ्लिपकार्ट 35 से 50 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। एक व्यक्ति ने कहा, ‘कंपनी अपने आईपीओ से पहले मूल्यांकन का एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगी। इसके लिए वह 1 से 2 अरब डॉलर जुटाने पर विचार कर सकती है।’

फ्लिपकार्ट ने भारत में सूचीबद्ध होने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली और जेपी मॉर्गन सहित कई निवेश बैंकों के साथ शुरुआती चर्चा की है।

भारत में कंपनी के प्रमुख प्रतिस्प​र्धियों में एमेजॉन, रिलायंस जियोमार्ट और टाटा का ई-कॉमर्स कारोबार शामिल हैं। कंपनी ने हाल में अपने बोर्ड को मजबूत करते हुए परिचालन को दुरुस्त किया है। उद्योग संगठन फिक्की और डेलॉयट की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 21 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ बढ़कर 2030 तक 325 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

First Published : March 9, 2026 | 10:09 PM IST