आईपीओ

Jio और NSE अगले हफ्ते दाखिल कर सकते हैं IPO पेपर, बाजार में ₹55,000 करोड़ के मेगा इश्यू की आहट

इस साल मेनबोर्ड में अब तक दो दर्जन से भी कम कंपनियों के आईपीओ आए हैं और उसके जरिये केवल 20,000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं

Published by
समी मोडक   
Last Updated- June 11, 2026 | 11:11 PM IST

वॉलस्ट्रीट पर ब्लॉकबस्टर आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही दिग्गज कंपनियों को लेकर निवेशकों में जो उत्साह है, उसी तरह की झलक जल्द ही घरेलू बाजार में भी दिख सकती है। घटनाक्रम से अवगत लोगों ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अगले हफ्ते भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बाजार (सेबी) के पास अपना आईपीओ मसौदा (डीआरएचपी) जमा कर सकती हैं। इससे देश के दो सबसे चर्चित निर्गम के सूचीबद्ध होने का रास्ता साफ होगा।

इस बारे में जानकारी के लिए हमने जियो प्लेटफॉर्म्स को ईमेल भेजा मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया। एनएसई ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने 6 फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। इससे ज्यादा उसने कुछ और बताने से इनकार कर दिया। अगर इन आईपीओ को नियामक की मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत के प्राथमिक बाजार के लिए मजबूत दूसरी छमाही की शुरुआत हो सकती है। पहली छमाही में बाजार सुस्त रहा था।

जियो और एनएसई के निर्गम के बाद सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये का और इजाफा हो सकता है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण गुरुवार को 452 लाख करोड़ रुपये रहा। भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार और डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ लगभग 35,000 करोड़ रुपये का रहने का अनुमान है।

यह 2024 में ह्युंडै मोटर इंडिया के 27,900 करोड़ रुपये के निर्गम को पीछे छोड़कर देश का अब तक का सबसे बड़ा आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। घटनाक्रम के जानकारों के अनुसार निर्गम में पूरी तरह से नए शेयर शामिल हो सकते हैं और इससे कंपनी का मूल्यांकन 13 लाख करोड़ रुपये से अ​धिक हो सकता है।

इस बीच एनएसई अपने बहुप्रती​क्षित आईपीओ को अंतिम रूप दे रहा है जिसका आकार 20,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद है। जियो के उलट एनएसई का निर्गम पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बिक्री के लिए होगा। एनएसई का मूल्यांकन करीब 5 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारत में आईपीओ बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इस साल मेनबोर्ड में अब तक दो दर्जन से भी कम कंपनियों के आईपीओ आए हैं और उसके जरिये केवल 20,000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। साल 2024 और 2025 में निर्गम से रिकॉर्ड पूंजी जुटाने के बाद इस तरह की नरमी आई है। 2024 में मेनबोर्ड के आईपीओ से 1.6 लाख करोड़ रुपये और 2025 में 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

First Published : June 11, 2026 | 11:07 PM IST