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Jio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

Jio IPO: लिस्टिंग के समय कंपनी का वैल्यूएशन बाजार की स्थिति समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा। इसमें हालांकि कुछ महीने लग सकते हैं।

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निवेदिता मुखर्जी   
Last Updated- March 26, 2026 | 10:37 AM IST

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने 12 अगस्त 2019 को अपनी वार्षिक आम बैठक में पहली बार सार्वजनिक रूप से संकेत दिया था कि समूह की टेलीकॉम और रिटेल कंपनियों को अगले पांच वर्षों के भीतर लिस्ट किया जा सकता है।

साढ़े छह साल बाद जियो प्लेटफॉर्म्स बड़ा कदम उठाने जा रही है। यह आकाश अंबानी का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स, आरआईएल की टेलीकॉम इकाई की होल्डिंग कंपनी है। अब यह सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने के लिए तैयार है। एक सूत्र ने संकेत दिया, ”यह कुछ ही दिनों में हो सकता है। यह भी कहा कि नया वित्त वर्ष 2026-27 (एफवाई27) जियो आईपीओ प्रक्रिया की शुरुआत के साथ शुरू हो सकता है।”

मुकेश अंबानी के नेतृत्व में जियो ने 2016 में टेलीकॉम सेक्टर में एक बदलाव लाने वाली कंपनी के रूप में प्रवेश किया था। अब 2026 में यह उनके बड़े बेटे आकाश अंबानी के नेतृत्व में आईपीओ लाने जा रही है। साल 2022 में मुकेश अंबानी के पद छोड़ने के बाद आकाश अंबानी ने जियो के चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली, जिसे उत्तराधिकार योजना का स्पष्ट संकेत माना गया। जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स की 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेची जाएगी, जो सेकेंडरी शेयर बिक्री का तरीका है।

भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा

लिस्टिंग के समय कंपनी का वैल्यूएशन बाजार की स्थिति समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा। इसमें हालांकि कुछ महीने लग सकते हैं। फिलहाल आरआईएल लगभग 125 अरब डॉलर के आसपास का वैल्यूएशन सोच रही है। इस वैल्यूएशन पर Jio IPO आकार 3 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है, जो अब तक भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले मई 2022 में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) का आईपीओ 2.5 अरब डॉलर का था। जबकि अक्टूबर 2024 में हुंडई का आईपीओ 2.97 अरब डॉलर का रहा था।

रिलायंस के आईपीओ के दौरान अपनी हिस्सेदारी बेचने की संभावना नहीं है और कंपनी नई पूंजी जुटाने की भी योजना नहीं बना रही है। हालांकि, कंपनी के कुछ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। एक सूत्र के मुताबिक, लिस्टिंग पर शेयरधारकों को लाभ होने की उम्मीद है।

रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी के साथ इस बड़े आईपीओ को आगे बढ़ाने वाली टीम में मुख्य वित्त अधिकारी सौरभ संचेटी, प्रबंध निदेशक पंकज पवार और रणनीति प्रमुख अंशुमान ठाकुर शामिल हैं। इस मेगा आईपीओ में 17 निवेश बैंकरों की टीम भी शामिल होगी।

Jio IPO की तैयारियां तेज

Reliance Jio IPO की तैयारी हाल ही में वित्त मंत्रालय के एक सर्कुलर के बाद तेज हुई है। इसमें आईपीओ नियमों में ढील दी गई है। अब जिन कंपनियों का पोस्ट-इश्यू बाजार वैल्यू 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, वे न्यूनतम 2.5 प्रतिशत इक्विटी बेच सकती हैं। जबकि पहले यह सीमा 5 प्रतिशत थी।

भारत में जियो 49.1 करोड़ से अधिक वायरलेस ग्राहकों के साथ सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व वाली भारती एयरटेल के पास 46.7 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं। प्रति उपयोगकर्ता औसत आय (एआरपीयू) जियो के लिए 213.7 रुपये प्रति माह है। जबकि एयरटेल के लिए यह 259 रुपये है। जियो आईपीओ से जुड़े सवालों पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया।

First Published : March 26, 2026 | 10:37 AM IST