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NSE IPO: 10 साल बाद खुला रास्ता! सेबी से मिली बड़ी राहत, ₹1800 करोड़ के सेटलमेंट को मंजूरी

NSE IPO: एनएसई ने पब्लिक होने की प्रक्रिया अक्टूबर 2016 में शुरू की थी, जब उसने पहली बार सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किया था।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- April 22, 2026 | 10:26 AM IST

NSE IPO: निवेशकों को लंबे समय से जिस आईपीओ का इंतजार था, वो अब जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक दे सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई आईपीओ को सेबी से बड़ी राहत मिली है। सेबी के एक्सपर्ट पैनल ने एनएसई के प्रमुख नियामकीय मामलों को लगभग 1800 करोड़ रुपये का भुगतान कर सुलझाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे एनएसई आईपीओ (NSE IPO) का रास्ता साफ हो सकता है।

रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार नियामक सेबी ने एक बाहरी पैनल बनाया था। इस पैनल ने सुझाव दिया था कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने पुराने कानूनी मामलों को सुलझा लें। इसके लिए एनएसई को 1800 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा भुगतान करना होगा।

इस सिफारिश से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज को अपने पुराने विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी। यह विवाद भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ चल रहा है। एनएसई पर गवर्नेंस में कमी के आरोप लगे थे। यह भी कहा गया कि उसने सभी ट्रेडिंग सदस्यों को बराबर मौका नहीं दिया। इन्हीं कारणों से एनएसई आईपीओ (NSE IPO) करीब 10 साल से अटका हुआ है।

2016 से लटका NSE IPO

एनएसई ने पब्लिक होने की प्रक्रिया अक्टूबर 2016 में शुरू की थी, जब उसने पहली बार सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किया था। हालांकि, बाद में कोलोकेशन मामले समेत गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और तकनीकी सिस्टम व आंतरिक नियंत्रणों में खामियों के कारण यह योजना अटक गई।

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पिछले एक साल में एक्सचेंज ने कई कानूनी मामलों को या तो प्रतिभूति अपील पंचाट में या समझौतों के जरिए सुलझाया है। इसके बाद एनएसई ने लिस्टिंग के प्रयास फिर से तेज कर दिए हैं। कोलोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में एनएसई ने सेबी के पास दो सेटलमेंट आवेदन दाखिल किए हैं। इन मामलों के लिए कंपनी ने करीब 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।

अगले महीने हो सकता है अप्लाई

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च तिमाही के नतीजों के घोषित होने के बाद एनएसई अगले महीने के अंत तक आईपीओ के लिए अप्लाई कर सकता है। साथ ही सेबी जल्द ही एनएसई को पैसा जमा करने के लिए डिमांड लेटर जारी कर सकता है। इसके बाद सेटलमेंट को अंतिम रूप देने के लिए आदेश जारी किया जाएगा। पिछले महीने एनएसई ने अपने आईपीओ को मैनेज करने के लिए 20 बैंकों को नियुक्त किया था। यह भारत में किसी भी आईपीओ के लिए अब तक चुनी गई सबसे बड़ी संख्या है।

भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने के साथ-साथ, एनएसई देश की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनी भी है। इसके करीब 1,90,000 निवेशक हैं। नियुक्त बैंकों ने एनएसई के मौजूदा निवेशकों को पत्र भेजे हैं। इनमें उन्हें आईपीओ में अपने शेयर बेचने का निमंत्रण दिया गया है। रुचि जताने की आखिरी तारीख 27 अप्रैल तय की गई है।

First Published : April 22, 2026 | 10:26 AM IST