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Zepto IPO: भारत की प्रमुख क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा कर दिया है। इसके साथ ही Zepto देश की पहली ऐसी क्विक कॉमर्स कंपनी बनने की ओर बढ़ रही है, जो केवल इस कारोबार मॉडल के साथ शेयर बाजार में उतरने जा रही है।
दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, प्रस्तावित आईपीओ में 8,010 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 11.34 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। बाजार सूत्रों के अनुसार, कुल आईपीओ का आकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
ऑफर फॉर सेल के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने वाले निवेशकों में Nexus Ventures VI Holdings, Nexus Ventures VII Holdings, Contrary ZEP Holdings, Razor Ventures Zepto, Kaiser Foundation Hospitals और Kaiser Permanente Group Trust शामिल हैं।
वर्तमान में Nexus Ventures VI Holdings के पास कंपनी में 8.57 प्रतिशत और Nexus Ventures VII Holdings के पास 4.55 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं Contrary ZEP Holdings और Razor Ventures Zepto की हिस्सेदारी क्रमशः 1.13 प्रतिशत और 1.14 प्रतिशत है।
आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा कारोबार के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगाया जाएगा। कंपनी नए और मौजूदा शहरों में डार्क स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाने के लिए करीब 1,628.9 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इसके अलावा मौजूदा डार्क स्टोर्स के किराये पर 1,734.9 करोड़ रुपये और टेक्नोलॉजी व क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर 1,324.7 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।
Zepto अपनी सहायक कंपनी Zepto Marketplace Private Limited में भी निवेश करेगी। कंपनी ने मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन गतिविधियों के लिए 520 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसका उद्देश्य ब्रांड की पहचान बढ़ाना और ग्राहकों के बीच अपनी पहुंच को और मजबूत बनाना है।
Zepto ने अपने प्रस्तावित आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का खुलासा नहीं किया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि वह इस पूंजी का इस्तेमाल अधिग्रहणों के जरिए कारोबार के विस्तार और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
बेंगलुरु स्थित कंपनी ने पिछले साल दिसंबर में गोपनीय प्रक्रिया के तहत अपने ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे। इस व्यवस्था के तहत कंपनियां शुरुआती चरण में आईपीओ से जुड़ी अहम जानकारियां सार्वजनिक किए बिना नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। कंपनी को इस साल मई में बाजार नियामक से मंजूरी मिल गई थी।
कंपनी के सार्वजनिक निर्गम के प्रबंधन के लिए Motilal Oswal Investment Advisors, Morgan Stanley India, Goldman Sachs (India) Securities, JM Financial, IIFL Capital Services, HSBC Securities and Capital Markets (India) तथा Axis Capital को नियुक्त किया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में Zepto का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 75.2 प्रतिशत बढ़कर 7,497.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का राजस्व 4,278 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 22,623.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 11,109.9 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। इससे स्पष्ट है कि कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा तेजी से बढ़ाया है।
मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 1,538.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,831.9 करोड़ रुपये था।
हालांकि पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो कंपनी का कुल घाटा बढ़कर 5,905.1 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 4,699.7 करोड़ रुपये था। यानी कारोबार में तेजी से वृद्धि के बावजूद कंपनी अभी भी लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में संघर्ष कर रही है।
कंपनी का नेट रिसीवेबल्स वैल्यू, जिसमें उत्पाद बिक्री के बाद की शुद्ध ऑर्डर वैल्यू, यूजर फीस, सब्सक्रिप्शन और विज्ञापन आय शामिल होती है, वित्त वर्ष 2023-24 के 5,231.7 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 24,815.5 करोड़ रुपये हो गया।
मार्च तिमाही के दौरान Zepto ने कुल 21 करोड़ ऑर्डर पूरे किए। इससे पिछली दिसंबर तिमाही में यह आंकड़ा करीब 16.7 करोड़ था। कंपनी के स्टोरों की संख्या बढ़कर 1,139 हो चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक उसके वार्षिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या 4.79 करोड़ तक पहुंच गई।