सीमेंट कंपनी JK Cement के मार्च तिमाही नतीजों के बाद बाजार में कंपनी को लेकर चर्चा बढ़ गई है। कंपनी एक तरफ तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती लागत से निपटने के लिए सीमेंट के दाम भी बढ़ा रही है। आने वाले समय में कंपनी का फोकस ज्यादा बिक्री, नई यूनिट्स और लागत कंट्रोल पर रहने वाला है।
कंपनी ने FY27 में डबल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। साथ ही FY28 तक कुल क्षमता को करीब 40 एमटीपीए तक पहुंचाने की योजना है। बिहार में 30 लाख टन क्षमता वाला नया यूनिट भी शुरू हो चुका है, जिससे कंपनी की कुल ग्रे सीमेंट क्षमता बढ़कर 32.3 एमटीपीए हो गई है।
हालांकि, ईंधन, डीजल और पैकेजिंग लागत बढ़ने से कंपनी पर दबाव बना हुआ है। कंपनी का कहना है कि पहली तिमाही में ईंधन लागत करीब 150-200 रुपये प्रति टन तक बढ़ सकती है। डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ सकता है। इसके असर को कम करने के लिए कंपनी ने ग्रे सीमेंट, व्हाइट सीमेंट और वॉल पुट्टी के दाम बढ़ाए हैं। ग्रे सीमेंट में करीब 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी की गई है।
मंगलवार, 26 मई को JK Cement का शेयर 2.37 प्रतिशत गिरकर 5,311.30 रुपये पर बंद हुआ।
मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर BUY रेटिंग रखते हुए 6,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का चौथी तिमाही का प्रदर्शन अनुमान के मुताबिक रहा। हालांकि EBITDA और मार्जिन में गिरावट देखने को मिली। कंपनी का EBITDA करीब 11 प्रतिशत घटकर 680 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रति टन EBITDA करीब 1,008 रुपये पर आ गया। ब्रोकरेज के मुताबिक, आने वाले समय में ईंधन लागत बढ़ने का असर कंपनी के मार्जिन पर दिख सकता है। फिर भी कंपनी की बिक्री बढ़ाने की योजना और लगातार विस्तार को देखते हुए BUY रेटिंग बरकरार रखी गई है।
नुवामा ने JK Cement पर 7,034 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की ग्रे सीमेंट बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। मार्च तिमाही में बिक्री 14 प्रतिशत बढ़ी, जबकि पूरे साल में यह ग्रोथ 17 प्रतिशत रही। नुवामा का कहना है कि कंपनी लगातार नई क्षमता जोड़ रही है और ऑपरेशन में सुधार पर काम कर रही है। हालांकि, बढ़ती लागत और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से FY27 और FY28 के EBITDA अनुमान में कटौती की गई है। इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बिक्री ग्रोथ और रिटर्न रेश्यो बाकी कंपनियों के मुकाबले बेहतर बने रह सकते हैं।
च्वाइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर BUY रेटिंग रखते हुए 7,000 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि FY27 में सीमेंट सेक्टर में मांग बेहतर रह सकती है और कीमतों में भी मजबूती देखने को मिल सकती है। कंपनी लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रही है और FY28 तक कुल क्षमता करीब 40 एमटीपीए तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन, पैकेजिंग और डीजल लागत बढ़ने से खर्च बढ़ेगा, लेकिन कंपनी ने कीमतें बढ़ाकर इसका असर कम करने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके अलावा कंपनी ग्रीन एनर्जी पर भी फोकस बढ़ा रही है। लक्ष्य है कि FY30 तक बिजली की जरूरत का 75 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन पावर से पूरा किया जाए।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)