प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
दिग्गज इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने अपने शेयरधारकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 38 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी के शेयरों का फेस वैल्यू 2 रुपये है, जिसके हिसाब से यह 1900 प्रतिशत बैठता है।
कंपनी के बोर्ड ने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ ही इस बंपर कैश रिवॉर्ड की घोषणा की थी। पिछले साल भी कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 34 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था, लेकिन उसके मुकाबले इस बार निवेशकों की कमाई ज्यादा होने वाली है।
कंपनी ने इस डिविडेंड के लिए 22 मई को रिकॉर्ड डेट तय किया है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में L&T के शेयर होंगे, वे इस डिविडेंड को पाने के हकदार होंगे। हालांकि, निवेशकों को यह पैसा मिलने के लिए 10 जून को होने वाली कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार करना होगा। AGM में मुहर लगते ही इसका पेमेंट कर दिया जाएगा।
डिविडेंड के ऐलान के साथ ही L&T ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के आर्थिक नतीजे भी जारी किए हैं। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (एकीकृत शुद्ध लाभ) सालाना आधार पर 3 फीसदी गिरकर 5,326 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 5,497 करोड़ रुपये था।
हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू (राजस्व) में शानदार बढ़त देखी गई। चौथी तिमाही में L&T का रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़कर 82,762 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बीते साल की इसी तिमाही में 74,392 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) भी 5 फीसदी की बढ़त के साथ 8,610 करोड़ रुपये रहा।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें तो इंफ्रा सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के लिए यह साल ऑर्डर्स के मामले में ऐतिहासिक रहा। L&T ग्रुप को पूरे साल में कुल 4,35,590 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, जो पिछले साल के मुकाबले 22 फीसदी ज्यादा हैं। इसमें सबसे बड़ा योगदान विदेशी ऑर्डर्स का रहा, जो 2,51,078 करोड़ रुपये थे और कुल ऑर्डर का 58 फीसदी हिस्सा हैं। कंपनी को ये ऑर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन, पावर ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल्स, हैवी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस जैसे कई अलग-अलग सेक्टर्स से मिले हैं।
वार्षिक आधार पर कंपनी का कुल रेवेन्यू 12 फीसदी की मजबूती के साथ 2,85,874 करोड़ रुपये रहा, जिसमें विदेशों से आने वाला रेवेन्यू का हिस्सा 54 फीसदी (1,53,738 करोड़ रुपये) था।
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा था कि मजबूत घरेलू बाजार और बढ़ती वैश्विक मौजूदगी के दम पर कंपनी ने इस साल 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड ऑर्डर हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी अपनी रणनीति के तहत कोर बिजनेस पर फोकस कर रही है और नाभा पावर व हैदराबाद मेट्रो जैसे नॉन-कोर बिजनेस से बाहर निकल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि L&T ने अपने ‘लक्ष्य-26’ के अधिकांश टारगेट्स को हासिल कर लिया है और अब कंपनी ‘लक्ष्य-31’ के नए चरण में कदम रख रही है। इसके तहत कंपनी का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के सेक्टर्स पर रहेगा।