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Market Outlook: ईरान-अमेरिका वार्ता बेनतीजा, कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी इस हफ्ते की दिशा

अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने, कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, महंगाई डेटा और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच इस हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट और उतार-चढ़ाव की आशंका है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 12, 2026 | 4:45 PM IST

Market Outlook: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। दोनों देशों के बीच हुए इन वार्ताओं के बिना किसी समझौते के खत्म होने से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जब सोमवार को शेयर बाजार खुलेंगे।

विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतें भी इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह हफ्ता भी कारोबार के लिहाज से छोटा रहेगा क्योंकि मंगलवार को बाबा साहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा।

ईरानी अधिकारी के अनुसार, बातचीत में कोई समझौता इसलिए नहीं हो सका क्योंकि अमेरिकी पक्ष की मांगें काफी ज्यादा थीं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती और बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया बातचीत में कोई शांति समझौता नहीं हो सका है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में गई अमेरिकी टीम ने बताया कि ईरान के साथ वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, क्योंकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।

JD Vance ने कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान को अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन ईरानी पक्ष ने उसे स्वीकार नहीं किया।

वहीं ईरान के प्रवक्ता बाघई ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन 2 से 3 अहम विषयों पर मतभेद बने रहे। इन बड़े मतभेदों के कारण बातचीत अंत में किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाई।

इस वार्ता के असफल रहने से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है, जबकि आगे की बातचीत को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष में अस्थायी राहत और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के चलते वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना रहा। इस दौरान क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं।

इस मजबूत वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंकों की छलांग लगाकर 5.77 प्रतिशत की बढ़त में रहा। वहीं एनएसई निफ्टी 1,337.5 अंक चढ़कर 5.88 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। निवेशकों की धारणा मजबूत होने से बाजार में खरीदारी बढ़ी।

Hariprasad K, जो Livelong Wealth के संस्थापक और रिसर्च एनालिस्ट हैं, का कहना है कि निफ्टी-50 इस समय एक अहम इनफ्लेक्शन पॉइंट पर है। उनके मुताबिक हालिया रिकवरी के बाद बाजार में 24,000 के स्तर की वापसी हुई थी और निवेशकों में सतर्क आशावाद दिख रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता के बिना नतीजे के खत्म होने से निकट अवधि का परिदृश्य बदल गया है। ऐसे में बाजार एक बार फिर उस उतार-चढ़ाव की ओर बढ़ सकता है जो पहले संघर्ष के समय देखने को मिला था।

शेयर बाजार में इस हफ्ते गिरावट के साथ शुरुआत देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स ओपनिंग में बड़े गैप-डाउन के साथ खुल सकते हैं, जिससे हाल में आई तेजी यानी सीजफायर रैली का कुछ हिस्सा खत्म हो सकता है।

इस हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। खासकर महंगाई से जुड़े डेटा महत्वपूर्ण रहेंगे। 13 अप्रैल को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के आंकड़े जारी होंगे, जबकि 14 अप्रैल को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े आएंगे। ये डेटा देश में महंगाई के रुझान को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे।

इसके साथ ही चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों का सीजन भी शुरू हो रहा है। इस दौरान Wipro, HDFC Bank और ICICI Bank जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजों पर बाजार की खास नजर रहेगी।

ब्रोकरेज फर्म रिलायंस और रिसर्च विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। इस महीने अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 48,213 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं, जो लगभग 5.14 अरब डॉलर के बराबर है।

First Published : April 12, 2026 | 4:45 PM IST