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MSCI EM इंडेक्स के टॉप 10 शेयरों में एक भी भारतीय कंपनी नहीं, पिछले दो दशकों में पहली बार हुआ ऐसा

बेंचमार्क में भारत के सबसे बड़े शेयर एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) क्रमशः 11वें और 12वें स्थान पर खिसक गए हैं

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समी मोडक   
Last Updated- June 08, 2026 | 11:12 PM IST

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से ताल्लुक रखने वाले शेयरों में ताबड़तोड़ तेजी ने घरेलू कंपनियों को एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स (ईएम) इंडेक्स में शामिल शीर्ष 10 शेयरों की सूची से बेदखल कर दिया है। पिछले दो दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है। ईएम इंडेक्स पर बाजार की पैनी नजर रहती है।  

हालांकि, शेयरों से संबंधित पुराने आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है मगर इस पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2000 से पहली बार ऐसा हुआ है कि एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के शीर्ष 10 शेयरों में किसी भी भारतीय कंपनी का नाम नहीं है। यह सूचकांक वैश्विक स्तर पर 700 अरब डॉलर से अधिक का प्रबंधन करने वाले पैसिव फंडों के लिए एक मानक (बेंचमार्क) के रूप में कार्य करता है और ऐक्टिव इमर्जिंग मार्केट फंड भी इस पर करीब से नजर रखते हैं।

बेंचमार्क में भारत के सबसे बड़े शेयर एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) क्रमशः 11वें और 12वें स्थान पर खिसक गए हैं। मार्च में ये दोनों शेयर क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर थे। इस वर्ष शेयरों की कीमतों में आई कमजोरी की वजह से सूचकांक में उनका व्यक्तिगत भार 0.8 प्रतिशत से नीचे खिसक गया है।

आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीराम वेलायुधन ने कहा,‘अन्य देशों में एआई और सेमीकंडक्टर में बढ़ती दिलचस्पी के कारण घरेलू कंपनियों को शीर्ष 10 में अपनी जगह गंवानी पड़ी है। भार में कमी का असर निष्क्रिय और सक्रिय दोनों प्रकार की निवेश नीतियों पर पड़ता है क्योंकि पोर्टफोलियो प्रबंधक सूचकांक भार के आधार पर अपने निवेश का मूल्यांकन करते हैं।’

मौजूदा समय में एमएससीआई ईएम सूचकांक में 1,200 से अधिक शेयर हैं जिनमें लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी घरेलू कंपनियों की रही है।

नुवामा में प्रमुख (अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटिटेटिव रिसर्च) अभिलाष पगारिया ने कहा,‘लगातार नई कंपनियों के शामिल होने के बावजूद पिछले दो वर्षों में उभरते बाजारों के सूचकांकों में भारतीय शेयरों की हैसियत कम हुई है। इसका मुख्य कारण ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन का दमदार प्रदर्शन है जो एआई एवं प्रौद्योगिकी आधारित मजबूत उछाल से फायदे में चल रहे हैं। ये बाजार वैश्विक पूंजी का एक बड़ा हिस्सा अपनी तरफ खींच रहे हैं।’

एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर अपने उच्चतम स्तर से क्रमशः लगभग 26 प्रतिशत और 20 प्रतिशत नीचे हैं। दूसरी तरफ ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी), सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी एआई से ताल्लुक रखने वाली दिग्गज कंपनियों के शेयरों में इसी दौरान क्रमशः 48 प्रतिशत, 147 प्रतिशत और 194 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई है।

एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत का कुल भार घटकर छह साल के नए निचले स्तर 10.87 प्रतिशत पर आ गया है जो 2024 में हासिल किए गए शीर्ष स्तर का लगभग आधा है। 

First Published : June 8, 2026 | 11:09 PM IST