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Hyundai India Q4 Results: ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने शुक्रवार को मार्च तिमाही में कंसॉलिडेटेड शुद्ध लाभ में 22.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए इसे ₹1,255.63 करोड़ बताया। कंपनी का मुनाफा बढ़ते खर्चों से प्रभावित हुआ। शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसका कंसॉलिडेट नेट प्रॉफिट (PAT) ₹1,614.35 करोड़ था।
समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन से कंपनी की कंसॉलिडेटेड कुल आय बढ़कर ₹18,916.15 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह ₹17,940.28 करोड़ थी। कंपनी के कुल खर्च बढ़कर ₹17,571.66 करोड़ हो गए, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹15,974.46 करोड़ थे।
ह्युंडै मोटर इंडिया के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹21 के डिविडेंड की सिफारिश की है। इस तरह शेयरधारकों प्रति शेयर 210 फीसदी डिविडेंड इनकम होगी।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कंसॉलिडेटेड PAT घटकर ₹5,431.52 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹5,640.21 करोड़ था। FY26 में परिचालन से कंसॉलिडेटेड कुल आय ₹70,763.33 करोड़ रही, जबकि FY25 में यह ₹69,192.89 करोड़ थी।
HMIL के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तरुण गर्ग ने कहा कि FY26 ऐसा वर्ष रहा, जिसमें हमने चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच उभरते अवसरों का लाभ उठाने की अपनी क्षमता दिखाई। GST 2.0 सुधारों, रणनीतिक प्रोडक्ट इंटरवेंशन, मजबूत एक्सपोर्ट वॉल्यूम और ‘क्वालिटी ऑफ ग्रोथ’ पर लगातार फोकस ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
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FY27 के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत तरीके से की है। अप्रैल में घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़ी है। उम्मीद है कि यह सकारात्मक गति आगे भी जारी रहेगी। हाई-डिमांड सेगमेंट में नए प्रोडक्ट लॉन्च और अन्य रणनीतिक पहलों के दम पर घरेलू बाजार में 8-10 प्रतिशत वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी की बढ़ी हुई प्लांट क्षमता और लचीला परिचालन ढांचा उसे साल के दौरान आने वाले अतिरिक्त ग्रोथ अवसरों का तेजी से फायदा उठाने में सक्षम बनाएगा।
एक्सपोर्ट के बारे में गर्ग ने कहा, “हम भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं पर नजर बनाए हुए हैं। इसके बावजूद हमें 8-10 प्रतिशत वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज करने का भरोसा है, जिससे उभरते बाजारों के लिए हब के रूप में हमारी स्थिति और मजबूत होगी।”
भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को समर्थन देने के लिए कंपनी पुणे प्लांट की क्षमता में फेज-II विस्तार के बाद अतिरिक्त 70,000 यूनिट की बढ़ोतरी करेगी। इसके साथ HMIL की कुल उत्पादन क्षमता 2030 तक बढ़कर 11.4 लाख यूनिट हो जाएगी।