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कुल कॉर्पोरेट आय में निफ्टी 50 का योगदान घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर, बड़ी कंपनियों पर बढ़ा दबाव

चौथी तिमाही में सभी सूचीबद्ध कंपनियों का मुनाफा 15.1 फीसदी बढ़ने के बावजूद, सुस्त रफ्तार के कारण कुल कॉरपोरेट आय में निफ्टी 50 का हिस्सा घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया

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कृष्ण कांत   
Last Updated- June 02, 2026 | 10:14 PM IST

हालिया तिमाहियों में कंपनी जगत की कुल कमाई में सुधार होने के बावजूद देश की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियां अपनी आय में कमजोर वृद्धि की समस्या से जूझ रही हैं। इससे कंपनी जगत की कुल आय में निफ्टी50 कंपनियों के योगदान में लगातार गिरावट आई है।

सभी सूचीबद्ध कंपनियों के कुल समायोजित शुद्ध लाभ में निफ्टी50 कंपनियों का हिस्सा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में घटकर 47.1 फीसदी के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। यह आंकड़ा एक साल पहले की समान तिमाही में 51.8 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 49.8 फीसदी था। वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में निफ्टी50 कंपनियों का कुल कॉरपोरेट आय में योगदान 58.3 फीसदी के शीर्ष स्तर पर था।

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में निफ्टी50 कंपनियों के कुल समायोजित शुद्ध लाभ में महज 4.5 फीसदी की वृद्धि हुई। इसमें लगातार आठवीं तिमाही के दौरान एकल अंक में वृद्धि दर्ज की गई है।

इसके मुकाबले बिज़नेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल सभी 3,080 सूचीबद्ध कंपनियों (उनकी सूचीबद्ध सहायक कंपनियों को छोड़कर) के कुल समायोजित शुद्ध लाभ में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 15.1 फीसदी की वृद्धि हुई। यह वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में दर्ज 9.2 फीसदी वृद्धि के मुकाबले अ​धिक है।

निफ्टी50 कंपनियों का कुल समायोजित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बढ़कर लगभग 2.33 लाख करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले करीब 2.14 लाख करोड़ रुपये और एक तिमाही पहले 2.04 लाख करोड़ रुपये था। नमूने में शामिल सभी सूचीबद्ध कंपनियों का कुल समायोजित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बढ़कर लगभग 4.74 लाख करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले करीब 4.12 लाख करोड़ रुपये और एक तिमाही पहले 4.09 लाख करोड़ रुपये था।

सूचकांक में शामिल कंपनियों के शुद्ध लाभ में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में महज 0.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 13.5 फीसदी और एक तिमाही पहले 0.3 फीसदी था। बैंक, फाइनैंस एवं बीमा (बीएफएसआई) और तेल एवं गैस कंपनियों को छोड़कर निफ्टी50 कंपनियों के कुल समायोजित शुद्ध लाभ में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान 2.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जो एक साल पहले की समान तिमाही में दर्ज 7.4 फीसदी और एक तिमाही पहले की 5.7 फीसदी वृद्धि के मुकाबले सुस्त रफ्तार है। 

सिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के सह-प्रमुख (अनुसंधान एवं शेयर रणनीति) धनंजय सिन्हा ने कहा, ‘बीएफएसआई व एफएमसीजी सहित उपभोक्ता वस्तु और आईटी सेवा का निफ्टी50 में कुल भारांश 60 फीसदी है। मगर ये तीनों क्षेत्र आय में एकल अंक की वृद्धि के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। इसका प्रभाव सूचकांक की कुल आय पर पड़ रहा है।’

First Published : June 2, 2026 | 10:14 PM IST