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ईरान बातचीत की उम्मीद से फिसला कच्चा तेल, WTI 102 डॉलर के करीब तो Brent 110 डॉलर से नीचे आया

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल रोक दिया है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 19, 2026 | 9:02 AM IST

Crude Oil Prices: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब तेल बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिल रही है। WTI Crude Oil की कीमत गिरकर करीब 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। वहीं Brent Crude Oil भी फिसलकर 110 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया और करीब 109.9 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। निवेशकों की नजर लगातार ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती बातचीत की संभावनाओं पर टिकी हुई है।

ट्रंप के बयान से बदला बाजार का मूड

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे खाड़ी देशों ने बातचीत के लिए और समय देने की अपील की थी। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच गंभीर बातचीत चल रही है, हालांकि ईरान की तरफ से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसी बयान के बाद बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली और तेल की कीमतों में नरमी आई।

पिछले कई दिनों से तेज था तेल बाजार

पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय तक तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली थी। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से निवेशकों को डर था कि तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी डर की वजह से Brent Crude 110 डॉलर के ऊपर पहुंच गया था, जबकि WTI भी लगातार मजबूत बना हुआ था। लेकिन अब बातचीत की उम्मीद से बाजार का मूड थोड़ा बदला है।

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हॉर्मुज स्ट्रेट अब भी सबसे बड़ी चिंता

हालांकि बाजार में डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सबसे बड़ी चिंता अब भी हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी हुई है। यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत ग्लोबल ऑयल सप्लाई गुजरती है। अगर यहां लंबे समय तक रुकावट बनी रहती है तो दुनियाभर में तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि थोड़ी गिरावट के बावजूद तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

रूस के तेल को लेकर अमेरिका का बड़ा फैसला

इस बीच अमेरिका ने रूस के तेल को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। अमेरिका ने उन रूसी क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बिक्री की अनुमति दे दी है जो पहले से टैंकरों में लोड हैं। बाजार मान रहा है कि इससे ग्लोबल सप्लाई को कुछ राहत मिल सकती है और तेल की कीमतों पर दबाव थोड़ा कम हो सकता है।

Crude Oil: आगे क्या रहेगा बाजार का फोकस?

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं। अगर तनाव कम होता है तो Brent और WTI दोनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर पश्चिम एशिया में हालात फिर बिगड़ते हैं या हॉर्मुज स्ट्रेट पर सप्लाई प्रभावित होती है, तो तेल की कीमतों में दोबारा बड़ी तेजी लौट सकती है।

First Published : May 19, 2026 | 8:55 AM IST