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पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, फिर भी क्यों टूट गए HPCL, BPCL और IOC के शेयर?

पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल से बढ़ी चिंता; बाजार को कीमतों में और बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद, तकनीकी विश्लेषकों ने बताए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

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रेक्स कैनो   
Last Updated- May 15, 2026 | 2:41 PM IST

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद शुक्रवार को सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 3 प्रतिशत तक टूट गए।

सरकार ने चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर और सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो महंगी की है। लेकिन बाजार को उम्मीद थी कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए कीमतों में इससे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती थी। यही वजह रही कि निवेशकों की चिंता पूरी तरह कम नहीं हुई।

रिलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सप्लाई संकट का सीधा असर है। उनके मुताबिक, इससे देश में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबा चलता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात सामान्य नहीं होते, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

शेयरों में कितनी गिरावट आई?

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे BPCL का शेयर करीब 3.5 प्रतिशत गिरकर 285 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं IOC करीब 2.3 प्रतिशत टूटकर 137 रुपये और HPCL करीब 3.2 प्रतिशत गिरकर 365 रुपये पर पहुंच गया। इसके मुकाबले निफ्टी में हल्की तेजी बनी हुई थी और यह 23,750 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एक्सपर्ट क्यों हैं सतर्क?

एंजेल वन के तकनीकी विश्लेषक राजेश भोसले का कहना है कि फरवरी के आखिर तक HPCL, BPCL और IOC अपने रिकॉर्ड ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे थे। लेकिन पश्चिम एशिया तनाव बढ़ने के बाद इन शेयरों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। हालांकि अप्रैल के निचले स्तरों से शेयरों में कुछ रिकवरी जरूर आई है, लेकिन ये शेयर अभी भी व्यापक बाजार के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं। राजेश भोसले के मुताबिक, जब तक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती या कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तब तक इन शेयरों में दबाव बना रह सकता है।

BPCL पर क्या है नजरिया?

राजेश भोसले के मुताबिक, BPCL के शेयर को 310 रुपये के आसपास मजबूत रुकावट मिल रही है। जब तक शेयर इस स्तर के ऊपर टिक नहीं पाता, तब तक इसमें सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है। नीचे की तरफ 270 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

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IOC के लिए कौन सा स्तर अहम?

विशेषज्ञों के मुताबिक, IOC के लिए 150 रुपये का स्तर बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर शेयर इस स्तर को मजबूती से पार करता है, तो इसमें तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं नीचे की तरफ 130 रुपये का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

HPCL में कैसी दिख रही है चाल?

राजेश भोसले का कहना है कि बाकी दोनों कंपनियों के मुकाबले HPCL में अप्रैल के निचले स्तरों से बेहतर रिकवरी देखने को मिली है। अगर HPCL का शेयर 390 रुपये के ऊपर निकलता है, तो इसमें 420 रुपये तक तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं नीचे की तरफ 350 रुपये और फिर 320 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : May 15, 2026 | 2:28 PM IST