Oil and Gas Stocks: तेल और गैस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए आने वाला समय काफी मजबूत नजर आ रहा है। खासकर अपस्ट्रीम कंपनियां जैसे ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को वित्त वर्ष 2027 में बड़ा फायदा मिल सकता है। इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और उत्पादन में बढ़ोतरी है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों का अनुमान बढ़ाया गया है। ब्रेंट क्रूड का औसत वित्त वर्ष 2027 के लिए 75 डॉलर प्रति बैरल माना गया है, जो पहले 65 डॉलर था। हालांकि वित्त वर्ष 2028 के लिए अनुमान 65 डॉलर ही रखा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार हाल में सप्लाई में बड़ा झटका लगा है। खासकर होर्मुज क्षेत्र में बाधा के कारण बाजार में कच्चे तेल की कमी बन गई है। मार्च और अप्रैल के दौरान करीब 500 मिलियन बैरल की सप्लाई प्रभावित हुई है। भले ही सप्लाई जल्दी सामान्य हो जाए, लेकिन लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण कीमतों में तेजी तुरंत कम नहीं होगी। अगले 4 से 6 महीने तक कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकता है।
लंबी अवधि में स्थिति बदल सकती है। ओपेक प्लस देशों के पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है। इसके अलावा ईरान, रूस और वेनेजुएला से भी सप्लाई बढ़ सकती है। ऐसे में अगले 12 महीनों में बाजार में फिर से सप्लाई ज्यादा हो सकती है और कीमतें घटकर 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ सकती हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों को दो तरफ से फायदा होगा। एक तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और दूसरी तरफ उत्पादन में बढ़ोतरी। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के उत्पादन में वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 7.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि का अनुमान है। इससे इनकी कमाई मजबूत होगी। वित्त वर्ष 2027 में इन कंपनियों के एबिट्डा में बड़ा उछाल आ सकता है। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया का एबिट्डा क्रमशः करीब 26 प्रतिशत और 27 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
एंटीक ब्रोकरेज ने दोनों शेयरों पर खरीद की सलाह दी है। ओएनजीसी का मौजूदा भाव करीब 283 रुपये बताया गया है। इस पर 342 रुपये का लक्ष्य रखा गया है, यानी करीब 21 प्रतिशत तक बढ़त की संभावना। वैल्यूएशन के लिहाज से यह शेयर अभी आकर्षक माना गया है। ऑयल इंडिया का मौजूदा भाव करीब 462 रुपये है। इस पर 582 रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इसमें करीब 26 प्रतिशत तक तेजी की संभावना जताई गई है। ब्रोकरेज ने इसके टारगेट में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की है। ओएनजीसी के लिए केजी बेसिन, दमन और अन्य प्रोजेक्ट्स से उत्पादन बढ़ेगा। वहीं ऑयल इंडिया के लिए ड्रिलिंग बढ़ाने और गैस सप्लाई नेटवर्क मजबूत होने से ग्रोथ आएगी।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)