बाजार

1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर! पशुपति कॉटस्पिन करने जा रही स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

पशुपति कॉटस्पिन 17 अप्रैल को अपने शेयरों का स्प्लिट कर रही है। एक शेयर के बदले दस शेयर मिलेंगे, जिससे छोटे निवेशकों के लिए शेयर खरीदना अब और भी आसान होगा

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- April 11, 2026 | 4:31 PM IST

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एक अहम कॉरपोरेट एक्शन देखने को मिलेगा, जहां पशुपति कॉटस्पिन लिमिटेड अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए 17 अप्रैल 2026 को एक्स-डेट तय की है और रिकॉर्ड डेट भी इसी दिन रखी गई है। इस फैसले के तहत कंपनी अपने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को घटाकर 1 रुपये फेस वैल्यू में बदल देगी। यानी जिन निवेशकों के पास अभी कंपनी के शेयर हैं, उनके हर एक शेयर के बदले 10 शेयर मिलेंगे। हालांकि, इस बदलाव का असर निवेश की कुल वैल्यू पर नहीं पड़ेगा, बल्कि सिर्फ शेयरों की संख्या और कीमत में बदलाव होगा।

स्टॉक स्प्लिट क्या होता है और क्यों किया जाता है

स्टॉक स्प्लिट एक ऐसा कॉरपोरेट एक्शन होता है जिसमें कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देती है। आमतौर पर कंपनियां यह कदम तब उठाती हैं जब उनके शेयर की कीमत ज्यादा हो जाती है और छोटे निवेशकों के लिए खरीदना मुश्किल होने लगता है। फेस वैल्यू घटाने से शेयर की कीमत भी उसी अनुपात में कम हो जाती है, जिससे बाजार में इसकी पहुंच बढ़ती है।

Also Read: ₹30 का मोटा डिविडेंड! दिग्गज गोल्ड लोन कंपनी का निवेशकों को बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

पशुपति कॉटस्पिन लिमिटेड के मामले में भी यही देखा जा रहा है, जहां 10 रुपये के एक शेयर को 1 रुपये में बांटा जा रहा है। इससे शेयर ज्यादा किफायती दिखेगा और रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की संभावना रहती है।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है

इस स्टॉक स्प्लिट के बाद निवेशकों के पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, लेकिन उनकी कुल निवेश वैल्यू पहले जैसी ही रहेगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक के पास पहले 100 शेयर थे, तो स्प्लिट के बाद उनके पास 1000 शेयर हो जाएंगे। एक्स-डेट 17 अप्रैल 2026 तय की गई है, जिसका मतलब है कि इस तारीख से पहले जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, वही इस स्प्लिट का फायदा उठा पाएंगे। रिकॉर्ड डेट भी इसी दिन तय की गई है, जिसके आधार पर कंपनी यह तय करेगी कि किन निवेशकों को नए शेयर दिए जाएंगे।

बाजार के जानकारों का मानना है कि ऐसे कॉरपोरेट एक्शन से शेयर में लिक्विडिटी बढ़ती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं होता, इसलिए निवेश का फैसला करते समय केवल इस एक फैक्टर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

First Published : April 11, 2026 | 4:31 PM IST