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गिरावट के बाद चमक सकते हैं PSU बैंक शेयर, ब्रोकरेज ने बताया कौन से Bank Stocks पर लगाएं दाव

हालिया गिरावट के बाद सरकारी बैंक शेयरों में बढ़त की संभावना, एंटीक ब्रोकरेज ने पीएनबी और केनरा बैंक पर ‘BUY’ रेटिंग दी

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 12, 2026 | 9:51 AM IST

हाल के वैश्विक तनाव और बाजार में आई गिरावट ने बैंकिंग शेयरों को भी झटका दिया है। लेकिन इसी गिरावट के बीच सरकारी बैंकों के लिए एक नई उम्मीद दिखाई दे रही है। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा गिरावट के बाद PSU बैंक शेयरों में आगे मजबूत उछाल की संभावना बन सकती है। हालांकि मौजूदा संकट खत्म होने तक इन पर दबाव बना रह सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी 2026 से अब तक सरकारी बैंक शेयर करीब 11 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि प्राइवेट बैंकों में गिरावट लगभग 7 प्रतिशत रही है। इतिहास भी यही बताता है कि बड़े वैश्विक या भू-राजनीतिक संकट के समय सरकारी बैंक शेयर प्राइवेट बैंकों से ज्यादा गिरते हैं।

संकट में ज्यादा क्यों गिरते हैं PSU बैंक

एंटीक का कहना है कि सरकारी बैंकों की कमाई का बड़ा हिस्सा ट्रेजरी आय से आता है। जब सरकारी बॉन्ड यानी जी-सेक की यील्ड बढ़ती है तो इनकी ट्रेडिंग कमाई पर सीधा असर पड़ता है और शेयरों पर दबाव बढ़ जाता है। लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी उतना ही दिलचस्प है। रिपोर्ट बताती है कि ज्यादातर मामलों में PSU बैंक शेयर गिरावट के 3 से 6 महीनों के भीतर जोरदार वापसी करते हैं और कई बार प्राइवेट बैंकों से भी ज्यादा तेजी दिखाते हैं।

PNB और केनरा बैंक में दिखा बड़ा मौका

हाल की गिरावट के बाद एंटीक ब्रोकरेज ने पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक के शेयरों को लेकर अपना नजरिया बदला है। ब्रोकरेज ने दोनों शेयरों की रेटिंग बढ़ाकर BUY कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कीमतों पर इन शेयरों में अच्छा वैल्यूएशन अपसाइड दिखाई दे रहा है। हालांकि निकट अवधि में सरकारी बैंकों की मार्जिन और ट्रेजरी कमाई पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी देखी जा रही है।

बैंकिंग सेक्टर की असली लड़ाई अब डिपॉजिट की

एंटीक का मानना है कि आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती होगी कम लागत पर ज्यादा डिपॉजिट जुटाना। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ के कारण बैंकों के बीच जमा जुटाने की प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। जनवरी 2026 में कई सरकारी बैंकों ने टर्म डिपॉजिट दरों में बढ़ोतरी की है। वहीं प्राइवेट बैंक भी पीछे नहीं हैं। एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सिटी यूनियन बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक जैसे कई बैंकों ने लंबी अवधि के डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाई हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में बैंकिंग सेक्टर की मार्जिन थोड़ी नरम रह सकती है, क्योंकि फंडिंग लागत बढ़ने की संभावना है।

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किन बैंकों पर दांव लगाने की सलाह

एंटीक ब्रोकरेज ने प्राइवेट बैंकों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक को अपनी पसंदीदा लिस्ट में रखा है। छोटे प्राइवेट बैंकों में सिटी यूनियन बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को हाल की गिरावट के बाद आकर्षक अवसर बताया गया है। वहीं सरकारी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सबसे मजबूत विकल्प माना गया है, जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को भी बेहतर प्रदर्शन की संभावना वाला बैंक बताया गया है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : March 12, 2026 | 9:42 AM IST