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Pipe Sector: वॉल्यूम और मुनाफे में तेज ग्रोथ की उम्मीद, Astral समेत 3 पाइप शेयरों में 27% तक अपसाइड

खराब दौर के बाद प्लास्टिक पाइप कंपनियों के अच्छे दिन लौटते दिख रहे हैं, FY27 को लेकर उम्मीद बढ़ी

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- June 08, 2026 | 11:03 AM IST

Pipe Sector: पिछला साल प्लास्टिक पाइप बनाने वाली कंपनियों के लिए आसान नहीं था। कभी कच्चे माल की कीमतें ऊपर चली गईं, कभी मांग कमजोर पड़ गई और कभी सरकारी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी रही। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। कारोबार में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और बड़ी कंपनियां आने वाले साल को लेकर काफी भरोसे में हैं।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही में सेक्टर ने जोरदार वापसी की। इसकी सबसे बड़ी वजह पीवीसी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी रही। कीमतें बढ़ने लगीं तो डीलरों और व्यापारियों ने पहले से ही माल खरीदकर रखना शुरू कर दिया। इसका सीधा फायदा कंपनियों को मिला।

Pipe Sector: आखिर अचानक क्या बदला?

साल की शुरुआत में बाजार धीरे-धीरे संभल रहा था। घरों में प्लंबिंग का काम बढ़ रहा था, सरकारी प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ रहे थे और डीलर भी अपना स्टॉक भरना शुरू कर चुके थे। फिर मार्च में पीवीसी की कीमतों में जोरदार उछाल आ गया। पश्चिम एशिया में तनाव और दुनिया भर में सप्लाई की दिक्कतों की वजह से लोगों को लगा कि कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसके बाद बाजार में खरीदारी तेज हो गई। कई कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में इसी वजह से अच्छा उछाल देखने को मिला।

लेकिन FY27 की शुरुआत आसान नहीं होगी

हालांकि पूरी कहानी इतनी सीधी नहीं है। मार्च में जिस पीवीसी की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं, वे बाद में तेजी से नीचे भी आ गईं। सरकार ने कुछ समय के लिए आयात शुल्क हटा दिया, जिसके बाद कीमतों में करीब 24 फीसदी की गिरावट आ गई। इसका मतलब यह है कि जिन कंपनियों ने महंगे भाव पर माल खरीदकर रखा था, उन्हें पहली तिमाही में नुकसान भी हो सकता है। यानी FY27 की शुरुआत थोड़ी मुश्किल रह सकती है।

Pipe Sector: फिर भी बड़ी कंपनियों को फायदा क्यों दिख रहा है?

रिपोर्ट का कहना है कि छोटी कंपनियों के लिए पिछले कुछ साल काफी मुश्किल रहे हैं। कच्चे माल की कीमतें बार-बार बदलने से उनका पैसा फंसता है और कारोबार संभालना कठिन हो जाता है। लेकिन बड़ी कंपनियों की स्थिति अलग है। उनके पास मजबूत ब्रांड हैं, बड़ा डीलर नेटवर्क है और पैसा भी ज्यादा है। यही वजह है कि ग्राहक और डीलर दोनों धीरे-धीरे बड़ी कंपनियों की तरफ जा रहे हैं। सरल शब्दों में कहें तो बाजार में बड़ी कंपनियों की पकड़ और मजबूत हो रही है।

लोग अब सिर्फ पाइप नहीं, बेहतर पाइप खरीद रहे हैं

एक बड़ा बदलाव यह भी देखने को मिला है कि ग्राहक अब सिर्फ सस्ता पाइप नहीं देख रहा। लोग बेहतर क्वालिटी वाले पाइप, सीपीवीसी पाइप, गैस पाइपिंग और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल वाले उत्पाद ज्यादा खरीद रहे हैं। इससे कंपनियों को ज्यादा कमाई हो रही है। कई कंपनियों ने बताया कि सीपीवीसी से जुड़े कारोबार में 35 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

Pipe Sector: सरकार के प्रोजेक्ट्स भी देंगे सहारा

जल जीवन मिशन, गैस पाइपलाइन, सीवेज प्रोजेक्ट और शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ने से भी पाइप कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा घर बनाने और पुराने घरों की मरम्मत का काम भी लगातार चल रहा है। पाइप ऐसी चीज है जिसे टाला नहीं जा सकता, इसलिए इसकी मांग बनी रहने की उम्मीद है।

Pipe Sector: आगे क्या उम्मीद है?

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पहली तिमाही में कुछ दबाव जरूर रह सकता है, लेकिन पूरे साल की तस्वीर काफी बेहतर दिख रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बड़ी संगठित कंपनियां वित्त वर्ष 2027 में करीब 12 से 17 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज कर सकती हैं। आवास, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग से कारोबार को सहारा मिलेगा।

Pipe Sector: किन कंपनियों पर भरोसा?

मोतीलाल ओसवाल ने इस सेक्टर में एस्ट्रल, सुप्रीम इंडस्ट्रीज और प्रिंस पाइप्स को अपनी पसंदीदा कंपनियों में रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि सेक्टर का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है और आने वाले समय में बड़ी कंपनियां सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती हैं।

कंपनी मौजूदा भाव (रुपये) टारगेट प्राइस (रुपये) संभावित रिटर्न
एस्ट्रल (Astral) 1,540.80 1,950 26.6%
सुप्रीम इंडस्ट्रीज (Supreme Industries) 3,551.30 4,320 21.6%
प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स (Prince Pipes) 271.85 330 21.4%

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : June 8, 2026 | 10:54 AM IST