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Realty Stocks: घरों की बिक्री बढ़ी, लेकिन शेयर क्यों नहीं भाग रहे? ऐसे माहौल में कहां लगाएं पैसा

फरवरी में घरों की बिक्री बढ़ी, लेकिन महंगाई और कम अफोर्डेबिलिटी से रियल्टी शेयरों पर दबाव; Prestige Estates पर ब्रोकरेज की नजर

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 24, 2026 | 9:52 AM IST

फरवरी 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ राहत देखने को मिली है। घरों की बिक्री और नए प्रोजेक्ट लॉन्च दोनों में सुधार हुआ है। घरों की बिक्री की वैल्यू में करीब 18 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है, जबकि नए प्रोजेक्ट लॉन्च भी 17 प्रतिशत बढ़े हैं। यूनिट के हिसाब से भी मांग में करीब 11 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। यानी लोग खरीद तो रहे हैं, लेकिन यह सुधार अभी सीमित है।

टेक शहरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

इस बार सबसे ज्यादा मांग उन शहरों में रही जहां आईटी और टेक सेक्टर मजबूत है। बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में बिक्री सबसे ज्यादा रही। साल की शुरुआत से अब तक बेंगलुरु में बिक्री 34 प्रतिशत बढ़ी है, चेन्नई में 21 प्रतिशत और मुंबई इलाके में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं कोलकाता और एनसीआर जैसे बाजारों में मांग थोड़ी कमजोर पड़ी है, जिससे पता चलता है कि हर जगह स्थिति एक जैसी नहीं है।

सप्लाई अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ी

फरवरी में नए प्रोजेक्ट लॉन्च जरूर बढ़े, लेकिन पूरे साल की बात करें तो सप्लाई अभी भी पीछे चल रही है। साल की शुरुआत से अब तक सप्लाई करीब 6 प्रतिशत कम रही है। इसका मतलब है कि डेवलपर्स अभी भी उतनी तेजी से नए प्रोजेक्ट नहीं ला रहे हैं, जितनी तेजी से पहले आते थे।

बिना बिके घर बढ़े, कीमतें भी चढ़ीं

देशभर में बिना बिके घरों का स्टॉक थोड़ा बढ़कर 20 महीने तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 19 महीने था। इसके साथ ही घरों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। बेंगलुरु में कीमतें करीब 17 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जबकि चेन्नई और मुंबई में 10 से 13 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।

इतना ही नहीं, घरों का साइज और कुल कीमत भी बढ़ रही है। यानी अब लोग बड़े और महंगे घर खरीद रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, बेंगलुरु में औसत घर की कीमत करीब 27 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि एनसीआर में औसत घर की कीमत करीब 3.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

आगे क्या रह सकता है हाल

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट का कहना है कि आने वाले समय में घरों की बिक्री बहुत तेज नहीं बढ़ेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि घर काफी महंगे हो गए हैं और आम लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो रहा है। अगर डेवलपर्स सिर्फ लग्जरी घरों पर ध्यान देते रहेंगे, तो बिक्री और धीमी हो सकती है।

इसलिए जरूरी है कि कंपनियां मिड इनकम और प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान दें और कीमतों को काबू में रखें, तभी मांग में असली सुधार आ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब

रियल्टी शेयरों में हाल के महीनों में गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद ब्रोकरेज अभी भी सावधानी बरतने को कह रहा है। वजह यह है कि घरों की बिक्री में उतनी तेजी नहीं है और कीमतें ज्यादा होने से आगे ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। हालांकि, जिन कंपनियों के पास किराये या नियमित आय का अच्छा स्रोत है, वे बाकी कंपनियों से बेहतर कर सकती हैं। नुवामा की नजर में Prestige Estates इस सेक्टर में सबसे पसंदीदा कंपनी है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : March 24, 2026 | 9:52 AM IST