Oil and Gas stocks: दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें उफान पर हैं, पश्चिम एशिया में तनाव है और सप्लाई की चिंता हर दिन नई सुर्खियां बना रही है। ऐसे माहौल में तेल-गैस सेक्टर की तस्वीर भी पूरी तरह बदलती दिख रही है। नोमुरा की रिपोर्ट बताती है कि इस बार मार्च तिमाही किसी के लिए मौका बन रही है, तो किसी के लिए मुश्किल। यानी एक ही सेक्टर में कुछ कंपनियां चमक रही हैं, तो कुछ दबाव में कराह रही हैं।
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज इस बार थोड़ी सुस्त चाल में दिख सकती है। ऑयल टू केमिकल्स और रिटेल बिजनेस में कमजोरी का असर साफ दिख रहा है। मुनाफे में हल्की गिरावट की आशंका है। लेकिन कहानी पूरी तरह कमजोर नहीं है, क्योंकि जियो लगातार कंपनी को संभाल रहा है। ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है और प्रति ग्राहक कमाई भी ऊपर जा रही है।
अब बात उन कंपनियों की, जो आम लोगों तक पेट्रोल-डीजल पहुंचाती हैं। HPCL, BPCL और IOCL जैसी कंपनियां इस तिमाही में सबसे ज्यादा दबाव में हैं। कारण साफ है, पेट्रोल-डीजल और गैस बेचने में नुकसान हो रहा है। लागत बढ़ी है, लेकिन कीमतें उसी हिसाब से नहीं बढ़ पाईं। हालांकि रिफाइनिंग से कुछ फायदा हुआ और स्टॉक से भी कमाई हुई, लेकिन यह राहत इतनी नहीं कि पूरा नुकसान भर सके। नतीजा, कमाई पर सीधा असर।
जहां एक तरफ कुछ कंपनियां परेशान हैं, वहीं तेल निकालने वाली कंपनियों के लिए यह समय सोने जैसा है। ONGC और OIL जैसी कंपनियां ऊंचे तेल दाम का पूरा फायदा उठा रही हैं। इनकी कमाई में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है। भले ही उत्पादन में ज्यादा बढ़ोतरी न हो, लेकिन ऊंची कीमतें ही इनके लिए बड़ा गेम चेंजर बन गई हैं। यही वजह है कि इस तिमाही में असली चमक इन्हीं कंपनियों में दिख रही है।
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गैस सेक्टर की कहानी थोड़ी मुश्किल है। GAIL, IGL और MGL जैसी कंपनियां लागत बढ़ने और मांग में सीमित बढ़ोतरी के बीच फंसी हुई हैं। मार्जिन पर दबाव है और कमाई में गिरावट का अंदेशा है। खासकर गुजरात गैस की हालत ज्यादा कमजोर दिख रही है, जहां वॉल्यूम भी घटा है और लागत भी बढ़ी है। यानी यहां दोहरा झटका लगा है।
पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए गैस सप्लाई को लेकर डर जरूर है। लेकिन फिलहाल कंपनियों के पास इतना स्टॉक है कि काम चलता रहे। सरकार ने भी एलपीजी सप्लाई बढ़ाकर हालात संभालने की कोशिश की है। हालांकि अगर तनाव और बढ़ा, तो यही सप्लाई बड़ा संकट बन सकती है।
ब्रोकरेज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसे बड़े नामों पर भरोसा जताया है। इन कंपनियों के मौजूदा भाव के मुकाबले टारगेट प्राइस काफी ऊपर दिए गए हैं, जिससे इन शेयरों में अपसाइड की उम्मीद बनती है। इसके अलावा गेल, पेट्रोनेट एलएनजी, इंद्रप्रस्थ गैस और महानगर गैस जैसी गैस कंपनियों पर भी BUY रेटिंग बरकरार रखी गई है। यानी गैस सेक्टर में दबाव के बावजूद लॉन्ग टर्म में संभावनाएं खत्म नहीं हुई हैं। दूसरी तरफ ONGC और ऑयल इंडिया जैसे अपस्ट्रीम खिलाड़ियों पर न्यूट्रल रुख रखा गया है। वजह साफ है, कच्चे तेल के ऊंचे दाम से फायदा जरूर मिल रहा है, लेकिन मौजूदा कीमतों पर ज्यादा तेजी की गुंजाइश सीमित मानी जा रही है।
| कंपनी का नाम | रेटिंग | मौजूदा भाव (रुपये) | टारगेट प्राइस (रुपये) |
|---|---|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | Buy | 1351 | 1700 |
| ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन | Neutral | 287 | 260 |
| ऑयल इंडिया | Neutral | 480 | 470 |
| इंडियन ऑयल कॉर्प | Buy | 134 | 190 |
| हिंदुस्तान पेट्रोलियम | Buy | 326 | 550 |
| भारत पेट्रोलियम | Buy | 278 | 460 |
| गेल इंडिया | Buy | 142 | 185 |
| पेट्रोनेट एलएनजी | Buy | 255 | 340 |
| इंद्रप्रस्थ गैस | Buy | 146 | 225 |
| महानगर गैस | Buy | 953 | 1505 |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)