वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद विश्लेषकों ने एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक पर अपना रुख सकारात्मक बनाए रखा है। हालांकि वृद्धि के मुख्य कारकों पर उनके नजरिए अलग-अलग हैं। जहां एचडीएफसी बैंक के लिए अल्पावधि की चाल ऋण वृद्धि में तेजी पर निर्भर है, वहीं आईसीआईसीआई बैंक को मध्यावधि में मूल्यांकन रेटिंग में बदलाव के लिए संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा है, ‘एचडीएफसी बैंक ने मुनाफे के मामले में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मोटे तौर पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया और उसकी जमा वृद्धि में मजबूती देखने को मिली। लेकिन ऋण वृद्धि में कोई सार्थक तेजी आनी अभी बाकी है और यह संभावित री-रेटिंग के लिए अहम कारक है।’ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन कीमत लक्ष्य 1,100 रुपये से घटाकर 1,055 रुपये कर दिया है।
आईसीआईसीआई बैंक के लिए जेएम फाइनैंशियल ने उसकी सेक्टर में बड़ी ऋण वृद्धि, शानदार शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) प्रबंधन और मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता रुझानों के बारे में बताया है, जिनसे बड़े बैंकों के बीच उसके प्रीमियम मूल्यांकन को मदद मिल सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है और कीमत लक्ष्य 1,550 रुपये से बढ़ाकर 1,630 रुपये कर दिया है।
एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 19,220 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़कर 33,080 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एनआईएम तिमाही आधार पर 3 आधार अंक बढ़कर 3.38 प्रतिशत हो गया।
ऋण वृद्धि नरम रही। इसमें एसएमई (17.2 फीसदी सालाना की वृद्धि) और कॉरपोरेट सेगमेंट (13 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि) की मदद से अग्रिम का आंकड़ा सालाना आधार पर 12.1 फीसदी और तिमाही आधार पर 4.1 फीसदी वृद्धि के साथ 29.4 लाख करोड़ रुपये रहा। जमा एक साल पहले के मुकाबले 14.4 फीसदी बढ़कर 31.1 लाख करोड़ रुपये रही और कासा अनुपात सुधरकर 34.1 प्रतिशत हो गया। ऋण-जमा अनुपात (एलडीआर) वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के 98.7 प्रतिशत से सुधरकर 94.6 प्रतिशत हो गया।
इसके विपरीत, आईसीआईसीआई बैंक ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया। शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 8 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 13,700 करोड़ रुपये हो गया। एनआईआई एक साल पहले के मुकाबले 8.4 प्रतिशत बढ़कर 22,980 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एनआईएम 4.32 प्रतिशत पर रहा, जो पिछली तिमाही से 2 आधार अंक अधिक है। दोनों ऋणदाताओं ने परिसंपत्ति गुणवत्ता और प्रावधान खर्च में सुधार की जानकारी दी है।
एमके ग्लोबल के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक की ऋण वृद्धि में वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही की धीमी रफ्तार के बाद फिर से मजबूती दिखी।