शुक्रवार को डाबर इंडिया के शेयर में 3.7 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली, जबकि बीएसई का सेंसेक्स 0.66 प्रतिशत नीचे गिर गया। विश्लेषकों ने कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजों को पसंद किया है, जो उम्मीद के मुताबिक रहे और भारत में कारोबार में अच्छी बढ़त के बल पर आए। हालांकि उनका मानना है कि इस एफएमसीजी कंपनी में आगे चलकर मांग में बड़े पैमाने पर सुधार देखने को मिल सकता है। लेकिन कंपनी के कमजोर परिचालन रिकॉर्ड को देखते हुए वे इसके भविष्य को लेकर अभी भी सतर्क हैं। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने डाबर इंडिया के शेयर पर अपनी रेटिंग और कीमत लक्ष्य को बरकरार रखा है और आय अनुमानों में मामूली बढ़ोतरी की है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025 में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद वित्त वर्ष 2026 में राजस्व बढ़ोतरी में मामूली सुधार हुआ और यह 5 प्रतिशत तक पहुंच गई। प्रबंधन ने भारत में व्यवसाय के राजस्व अनुमान को ऊंचे एक अंक से बदलकर निचले दो अंक में कर दिया है, क्योंकि उन्हें वित्त वर्ष 2027 में बिक्री और मूल्य निर्धारण, दोनों से मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि हम भारत में खपत को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन डाबर का ऐतिहासिक रूप से कमजोर क्रियान्वयन हमारे लिए चिंता का मसला है।’
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में डाबर इंडिया का कुल राजस्व सालाना आधार पर लगभग 7 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें भारत के कारोबार से होने वाले राजस्व में 10 प्रतिशत के इजाफे का अहम योगदान रहा।
विभिन्न सेगमेंटों की बात करें तो डाबर के होम ऐंड पर्सनल केयर (एचपीसी) कारोबार ने राजस्व में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। हेल्थकेयर पोर्टफोलियो में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एफऐंडबी सेगमेंट में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत का सुधार हुआ।
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वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में होम ऐंड पर्सनल केयर कारोबार की मांग में सुधार हुआ। प्रबंधन को आगे भी यह रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है। गर्मी के सीजन और कार्बोनेटेड पेय की तुलना में कम कीमत अंतर की वजह से बेवरिजेस कारोबार में भी उसे सुधार की उम्मीद है।
खास बात यह है कि डाबर इंडिया के भारतीय कारोबार की बिक्री में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जो वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 3 प्रतिशत थी। ग्रामीण बाजार शहरी खपत से लगभग 350 आधार अंक आगे रहे। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमूरा ने बताया कि कम आधार के बावजूद डाबर के भारत कारोबार की बिक्री में बढ़ोतरी उसके प्रतिस्पर्धियों मैरिको (9 प्रतिशत) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (8 प्रतिशत) के मुकाबले कम रही।
प्रबंधन ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, हालांकि ज्यादातर क्षेत्रों में वृद्धि की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। इस बीच, एफएमसीजी कंपनी का एबिटा सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 461.8 करोड़ रुपये हो गया और शुद्ध लाभ 15.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 368.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने आय अनुमानों को 4.1 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 के लिए 5.5 प्रतिशत बढ़ा दिया है। वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान राजस्व, एबिटा और पीएटी की सीएजीआर को क्रमशः 11 प्रतिशत, 14 प्रतिशत और 14 प्रतिशत किया है।
ब्रोकरेज फर्म ने शेयर को अपग्रेड करते हुए इसका कीमत लक्ष्य बढ़ाकर 530 रुपये (पहले 450 रुपये था) कर दिया है।
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हालांकि, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने अपनी ‘तटस्थ’ रेटिंग और 475 के कीमत लक्ष्य को बरकरार रखा है। उसका मानना है कि डाबर का प्रदर्शन आर्थिक बहाली, खासकर ग्रामीण मांग के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।