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सोने में आई तेजी और मजबूत मांग से आभूषण कंपनियों की चमक बढ़ी, Q4FY26 में रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर

आभूषण बिक्री में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ‘लाइक-फॉर-लाइक’ (एलएफएल) बिक्री में 48 प्रतिशत की उछाल थी

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राम प्रसाद साहू   
Last Updated- April 09, 2026 | 9:55 PM IST

मजबूत बिक्री की मदद से सूचीबद्ध आभूषण कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में उम्मीद से बेहतर राजस्व वृद्धि दर्ज की है। औसत खरीद आकार में बढ़ोतरी के साथ-साथ, खरीदारों की संख्या में सुधार से भी मांग में रिकवरी का संकेत मिला है। बुधवार को बाजार बंद होने के समय कल्याण ज्वैलर्स इंडिया 7.5 प्रतिशत चढ़कर लगभग 445 रुपये पर पहुंच गया जबकि बाजार दिग्गज टाइटन का शेयर करीब 6.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,492 पर रहा।

टाइटन की वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान ज्वैलरी सेगमेंट का रहा। बुलियन की बिक्री को छोड़ दें तो उसने घरेलू राजस्व में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह शानदार प्रदर्शन हाउस ऑफ टाइटन के तनिष्क, मिया, जोया और बीयॉन ब्रांडों की वजह से संभव हुआ। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद थी कि कंपनी 40-42 प्रतिशत के दायरे में वृद्धि हासिल करेगी। तनिष्क और मिया के बल पर रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

आभूषण बिक्री में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ‘लाइक-फॉर-लाइक’ (एलएफएल) बिक्री में 48 प्रतिशत की उछाल थी, क्योंकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले सोने की कीमतों में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। औसत बिक्री आकार में बढ़ोतरी के अलावा खरीदारों की संख्या में भी ऊंचे एक अंक की वृद्धि ने इस इजाफे में मदद की। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में खरीदारों की संख्या में यह बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2026 की पिछली तीन तिमाहियों में खरीदारों की संख्या में आई स्थिरता के बाद देखने को मिली है।

अलग-अलग सब-सेगमेंट की बात करें तो, जड़ाऊ ज्वैलरी की बिक्री में 30 प्रतिशत से कुछ ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जबकि सोने के सादे गहनों की बिक्री में 35 प्रतिशत के आस-पास बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने बताया कि गिन्नियों की बिक्री में सालाना आधार पर लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।

अन्य सेगमेंट की बात की जाए तो घड़ियों की बिक्री में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसकी मुख्य वजह एनालॉग घड़ियों की बिक्री में हुई 16 प्रतिशत की वृद्धि थी। हालांकि, स्मार्टवॉच कैटेगरी की बिक्री में 53 प्रतिशत की गिरावट ने इस बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक कम कर दिया। कंपनी के अनुसार, ‘प्रीमियमाइजेशन’ (बेहतर क्वालिटी और ऊंची कीमत वाले उत्पादों की ओर रुझान) के चलन ने इस तिमाही के दौरान औसत खरीद आकार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई।

टाइटन के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने कहा कि घरेलू आभूषण ग्राहकों की वृद्धि सालाना आधार पर 52 प्रतिशत रही, जिसकी मुख्य वजह लाइक फॉर लाइक में तेज बढ़ोतरी थी। उन्होंने कहा कि खरीदारों की वृद्धि ऊंचे एक अंक में पहुंचना मांग में सुधार का संकेत है। ब्रोकरेज फर्म ने 5,000 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ खरीदें रेटिंग बरकरार रखी है।

सोने की ऊंची कीमतों का असर चौथी तिमाही में कंपनी के सकल मार्जिन पर पड़ सकता है। हालांकि, ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषक अभिजीत कुंडू ने कहा कि स्टडेड ज्वेलरी में 30 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूत वृद्धि मार्जिन पर पड़ने वाले इस असर को कुछ हद तक कम कर सकती है। कल्याण ज्वैलर्स ने समेकित आधार पर 64 प्रतिशत की सालाना राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो ब्रोकरेज के अनुमानों से कहीं
अधिक है।

First Published : April 9, 2026 | 9:52 PM IST