शेयर बाजार

ज्यादा आवंटन से होगी वाटर इन्फ्रा दिग्गजों में बढ़त, EPC कंपनियों के शेयरों में 20% तक की तेजी

यह तेजी केंद्रीय मंत्रिमंडल के उस फैसले के बाद आई जिसमें उसने मंगलवार को 8.69 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ जल जीवन मिशन (जेजेएम 2.0) को 2028 तक बढ़ा दिया

Published by
दीपक कोरगांवकर   
Last Updated- March 11, 2026 | 10:28 PM IST

बीएसई पर बुधवार के कारोबारी सत्र में प्लास्टिक पाइप, स्टील पाइप, बुनियादी ढांचा और जल इंजीनियरिंग खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी तक की तेजी देखी गई। यह तेजी केंद्रीय मंत्रिमंडल के उस फैसले के बाद आई जिसमें उसने मंगलवार को 8.69 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ जल जीवन मिशन (जेजेएम 2.0) को 2028 तक बढ़ा दिया। इस बार बुनियादी ढांचे के निर्माण, निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और प्रणाली के संचालन एवं रखरखाव पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दूसरी ओर बीएसई सेंसेक्स 1.72 फीसदी गिरकर 76,863 पर बंद हुआ।

शक्ति पंप्स इंडिया के शेयर बीएसई पर कारोबारी सत्र के दौरान 19 फीसदी बढ़कर 584.50 रुपये पर पहुंच गए थे, लेकिन अंत में यह शेयर 7.98 फीसदी की बढ़त के साथ 529.05 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों के औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम में करीब 10 गुना की बढ़ोतरी हुई। एनएसई और बीएसई पर कुल 1.104 करोड़ इक्विटी शेयरों का कारोबार हुआ जो कुल इक्विटी का 8.9 फीसदी है ।

इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स 20 फीसदी के अपर सर्किट पर 75.60 रुपये पर लॉक हो गया। इसके बाद रोटो पंप्स 18 फीसदी बढ़कर 63.95 रुपये पर, एसपीएमएल इन्फ्रा 17 फीसदी बढ़कर 189 रुपये पर, इंडियन ह्यूम पाइप 15 फीसदी की बढ़त के साथ 370.05 रुपये पर, एनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स 14 फीसदी बढ़कर 165.15 रुपये पर, जैन इरिगेशन सिस्टम्स 14 फीसदी बढ़कर 36.92 रुपये पर पहुंचा। जिंदल शॉ 13 फीसदी बढ़ा और 188.75 रुपये पर पहुंचा।

जिंदल शॉ के शेयर 19.41 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। अन्य शेयरों ने अपनी बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया और अंत में 8 से 13 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार की समाप्ति की। इनमें से अधिकांश शेयरों ने बाजार के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है और ये अपने-अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से 50 फीसदी तक नीचे आ गए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है और 8.69 लाख करोड़ रुपये के बढ़े हुए कुल परिव्यय के साथ जेजेएम 2.0 की शुरुआत की है। इसमें 3.59 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है ताकि सभी 19.4 करोड़ ग्रामीण परिवारों को 100 फीसदी नल जल कनेक्शन मिल सके।

योजना का मकसद 2024 के अंत तक भारत के सभी 19.35 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल के पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के अनुसार अभी 15.82 करोड़ परिवारों या कुल परिवारों के 81.5 फीसदी के पास नल का कनेक्शन है।

वित्त वर्ष 2027-29 के बजट में 1.51 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन देखने को मिलेगा। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा, वित्त वर्ष 2026 में जल शक्ति के लिए केंद्रीय बजट आवंटन को संशोधित अनुमानों में 67,670 करोड़ रुपये से घटाकर वित्त वर्ष 2027 के लिए 67,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था। आवंटन से भी अधिक अहम बात यह होगी कि हमारे दायरे में शामिल अधिकांश ईपीसी कंपनियों के बकाए का भुगतान किया जाएगा।

First Published : March 11, 2026 | 10:24 PM IST