IT Q4 Results Preview: आईटी कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजों का सिलसिला गुरुवार को टीसीएस के नतीजों के साथ शुरू हो जाएगा। टीसीएस 9 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनियों के लिए जनवरी-मार्च तिमाही का प्रदर्शन कमजोर रहने की उम्मीद है। कस्टमर्स की तरफ से कम खर्च, कम वर्किंग डेज और बदलती टेक्नोलॉजी मांग देसी आईटी कंपनियों के प्रदर्शन पर दबाव बना रही हैं।
एनालिस्ट्स के अनुसार, हालांकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में हाल की तेज गिरावट से आय को कुछ सहारा मिल सकता है। लेकिन बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और जेनरेटिव एआई (GenAI) से जुड़े लॉन्ग टर्म डिफ्लेशनरी जोखिमों के बीच अब ध्यान वित्त वर्ष 2026-27 के गाइडेंस पर केंद्रित हो गया है।
मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट के अनुसार, आईटी सेक्टर के लिए Q4FY26 के नतीजे कुछ हद तक ‘सामान्य’ रहने की उम्मीद है। लार्जकैप कंपनियों में कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ -1 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। जबकि मिडकैप कंपनियां -0.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत की रेंज के साथ एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
हालांकि कुल राजस्व में सालाना आधार पर 11.3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और एआई से जुड़े डिफ्लेशन के सीधे असर अभी पिछड़े आंकड़ों में नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन ये भविष्य की मांग के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इंफोसिस के 1.5 से 4.5 प्रतिशत कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) राजस्व वृद्धि का मार्गदर्शन देने और 20–22 प्रतिशत मार्जिन बनाए रखने की उम्मीद है। वहीं, एचसीएलटेक के अपने सर्विसेज सेगमेंट के लिए 3 से 6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।
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हालांकि बैंकिंग, फाइनेंशियल, सर्विस सेक्टर में प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। लेकिन हाल के एआई से जुड़े बदलावों के कारण आईटी सेक्टर के वैल्यूएशन मल्टीपल्स में 30–40 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है। इससे अब आईटी कंपनियों पर यह साबित करने का दबाव बढ़ गया है कि वे बदलते परिदृश्य में भी मजबूती से आगे बढ़ सकती हैं।
ब्रोकरेज का मानना है कि भविष्य में किसी भी री-रेटिंग की संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां स्ट्रक्चरल बदलावों और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती कितनी साबित कर पाती हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार, आईटी सेक्टर के लिए मार्च तिमाही एक सामान्य रहने वाली तिमाही हो सकती है। इसमें मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव, जेनरेटिव एआई का प्रभाव और संभावित अमेरिकी टैरिफ जैसे कारकों से माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ज्यादतर कंपनियों में क्रमिक आधार (QoQ) पर सुस्त वृद्धि देखने को मिल सकती है। जबकि टियर-2 कंपनियां टियर-1 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन जारी रख सकती हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि टियर-1 कंपनियों में टीसीएस के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके बाद विप्रो और टेक महिंद्रा रह सकते हैं। वहीं, इंफोसिस (-0.8 प्रतिशत) और एचसीएलटेक (-1.6 प्रतिशत) में मौसमी कारणों से तिमाही आधार पर गिरावट देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज के अनुसार, टियर-2 कंपनियों में बेहतर प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। इसमें पर्सिस्टेंट (4.0 प्रतिशत), एमफैसिस (2.3 प्रतिशत), कोफोर्ज (2.0 प्रतिशत) और एलटीआईमाइंडट्री (1.5 प्रतिशत) आगे रह सकते हैं। जबकि हेक्सावेयर (-0.6 प्रतिशत) में हल्की गिरावट संभव है।
ब्रोकरेज का कहना है कि रुपये में तेज गिरावट से सालाना आधार पर आय को सहारा मिलेगा। जबकि मार्जिन लगभग स्थिर रहने की संभावना है। हालांकि, प्रबंधन की टिप्पणियों में कई तरह की चुनौतियों का जिक्र होने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज ने कहा, ”हमारा अनुमान है कि इंफोसिस FY27 के लिए 2 से 5 प्रतिशत ऑर्गेनिक राजस्व वृद्धि का मार्गदर्शन दे सकता है। जबकि एचसीएलटेक 3 से 6 प्रतिशत सर्विसेज ग्रोथ का अनुमान दे सकता है। FY27 के लिए ज्यादातर कंपनियां अपने मार्जिन गाइडेंस को बरकरार रख सकती हैं, जबकि एचसीएलटेक इसमें 50 बेसिस पॉइंट तक सुधार कर सकता है।”
ब्रोकरेज के अनुसार, कम वर्किंग दिन, ग्राहकों की तरफ से सतर्कता और बदलती तकनीकी प्राथमिकताओं के चलते आईटी सर्विस कंपनियों का मार्च तिमाही में तिमाही आधार पर प्रदर्शन कमजोर लेकिन स्थिर रहने की उम्मीद है। हालांकि बीएफएसआई सेक्टर में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है। लेकिन हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, हाई-टेक और रिटेल जैसे क्षेत्रों में रिकवरी असमान रहने की संभावना है क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
टियर-1 कंपनियों में एलटीआईमाइंडट्री, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा के तिमाही राजस्व वृद्धि में आगे रहने की उम्मीद है। जबकि इंफोसिस और एचसीएलटेक में मौसमी कारणों से गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं टियर-2 कंपनियों में फर्स्टसोर्स, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, एमफैसिस और कोफोर्ज के बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना जताई गई है।