शेयर बाजार

बाजार हलचल: मुश्किल वक्त में निवेशक सम्मेलन, निफ्टी ने सेंसेक्स को पीछे छोड़ दिया

बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 आम तौर पर कदमताल करते हैं। लेकिन मई में उनके प्रदर्शन में एक असामान्य अंतर देखने को मिला

Published by
समी मोडक   
Last Updated- May 31, 2026 | 11:11 PM IST

मॉर्गन स्टैनली, सिटी, बोफा और यूबीएस जैसी वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों की ओर से आयोजित सालाना इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस का सीजन चल रहा है। हालांकि इस साल ये सम्मेलन घरेलू शेयर बाजार के लिए सबसे मुश्किल हालात में हो रहे हैं। इनमें भारत की जानी-मानी कंपनियां वैश्विक संस्थागत निवेशकों के सामने अपने निवेश प्रस्ताव रखती हैं। लेकिन बाजार में भारत को लेकर निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वैश्विक पूंजी अमेरिका और एशिया के कुछ दूसेर देशों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी तेजी की ओर जा रही है।

एआई का यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें भारत की सीधी भागीदारी बहुत कम है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने अनिश्चितता का साय और बढ़ा दिया है। इन हालात को देखते हुए बाजार के जानकारों का कहना है कि इन कॉन्फ्रेंसों में होने वाली चर्चाएं शायद कंपनियों के कामकाज, कमाई की संभावनाओं और वृद्धि के मौकों पर ही केंद्रित रहेंगी। अब देखना यह है कि कंपनियों का प्रबंधन विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए पर्याप्त कदम उठाए पाता है या नहीं।

निफ्टी ने सेंसेक्स को पीछे छोड़ दिया

बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 आम तौर पर कदमताल करते हैं। लेकिन मई में उनके प्रदर्शन में एक असामान्य अंतर देखने को मिला। जहां निफ्टी 50 इस महीने 1.9 फीसदी गिरा, वहीं सेंसेक्स में 2.8 फीसदी की बड़ी गिरावट आई। इस अंतर का मुख्य कारण इंडेक्स की बनावट में अंतर को माना जा सकता है। इस महीने निफ्टी में प्रदर्शनकारी तीन कंपनियां 30 शेयरों वाले सेंसेक्स समूह का हिस्सा नहीं हैं। बढ़त बनाने वालों में सबसे आगे अदाणी एंटरप्राइजेज रही, जिसमें 22 फीसदी की तेजी आई।

इसके बाद टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (15.3 फीसदी) और ग्रासिम इंडस्ट्रीज (11.7 फीसदी) का स्थान रहा। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर बाजार का प्रदर्शन इसी तरह व्यापक होता रहा तो ज्यादा शेयरों वाले इंडेक्स कम शेयरों वाले इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

आईपीओ : उम्मीद की किरण

आईपीओ बाजार को अपनी रफ्तार वापस पाने में अभी मुश्किल हो सकती है। लेकिन सेकंडरी बिक्री में हलचल फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले पखवाड़े बाजार में कई बड़ी ब्लॉक डील हुई हैं, जिससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी और तरलता बनी हुई है।

प्रीमियर एनर्जीज के प्रवर्तकों ने 2,413 करोड़ रुपये में 5.3 फीसदी हिस्सेदारी बेची, बकि पीबी फिनटेक के संस्थापकों ने 660 करोड़ रुपये से ज्यादा की अपनी हिस्सेदारी घटाई। सेकंडरी शेयर बिक्री की अन्य बड़ी डील में पेटीएम, अदाणी एनर्जी सॉल्युशंस और जेएसडब्ल्यू सीमेंट शामिल हैं। निवेश बैंकरों का कहना है कि इन सौदों का सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात का संकेत है कि जब अच्छी गुणवत्ता के शेयर उपलब्ध होते हैं तो संस्थागत निवेशक पैसा लगाने को तैयार रहते हैं।

First Published : May 31, 2026 | 11:11 PM IST