शेयर बाजार

बेहतर नतीजों की उम्मीद में चढ़े बाजार, सेंसेक्स 610 अंक उछला; निफ्टी में 182 अंक का इजाफा

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 468.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया

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सुन्दर सेतुरामन   
Last Updated- April 29, 2026 | 10:26 PM IST

बुधवार को शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए। मार्च तिमाही की आय की उम्मीदों से बाजार को सहारा मिला, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण निवेशकों का मूड बिगड़ा और बाज़ार अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आ गया। बीएसई सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 1,096 अंक यानी 1.4 प्रतिशत तक चढ़ा। लेकिन अंत में 610 अंकों यानी 0.8 फीसदी की बढ़त के साथ 77,496 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 182 अंकों या 0.8 फीसदी की बढ़त के साथ 24,178 पर टिका। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 468.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

बाजार में बढ़त की अगुआई इंडेक्स के दिग्गज शेयरों ने की। जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), जिसमें 2.7 फीसदी की तेजी आई और भारती एयरटेल में 2.3 फीसदी का इजाफा हुआ। इस हफ्ते आरआईएल के शेयरों में अब तक 7.4 फीसदी की बढ़त हुई है। निवेशकों का भरोसा इस बात से बढ़ा कि कमाई के सीजन में कोई बड़ी बुरी ख़बर सामने नहीं आई, सिवाय आईटी कंपनियों की तरफ से वृद्धि के धीमे अनुमान के। शुरुआती नतीजे ज्यादातर सकारात्मक रहे हैं। बैंकों, गैर-बैंक ऋणदाता और धातु कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं।

आघारभूत धातुओं की मज़बूत कीमतों के कारण कंपनी का तिमाही मुनाफा बढ़ने के बाद वेदांत के शेयरों में 4.6 फ़ीसदी की तेजी आई। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने इस बढ़त को सीमित कर दिया। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहने की खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी की बढ़त के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

इस रुकावट से इस अहम जहाज मार्ग से होने वाली आपूर्ति पर ख़तरा मंडरा रहा है, जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 5वां हिस्सा गुज़रता है और आयात पर निर्भर भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं को ऊर्जा की ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और गिरते रुपये के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई। निवेशकों ने हाल की गिरावट का फायदा उठाकर अपना निवेश बढ़ाया। इसे उम्मीद से बेहतर नतीजों से भी सहारा मिला। उन्होंने कहा कि इस तेजी में एफएमसीजी, ऑटो और रियल्टी शेयरों का अहम योगदान रहा, जबकि नियामकीय सख्ती और प्रावधान से जुड़ी चिंताओं के कारण फ़ाइनैंशियल शेयर पीछे रहे।

व्यापक बाजार काफी हद तक मिले-जुले रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.07 फीसदी की गिरावट आई जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.65 फीसदी का इजाफा हुआ, जिससे इस महीने उसका कुल लाभ बढ़कर अब तक का 18 फीसदी पर पहुंच गया। यह इंडेक्स अप्रैल महीने का समापन पिछले 12 वर्षों की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त के साथ करने की ओर अग्रसर है। इसकी तुलना में निफ्टी में इस महीने करीब 8.3 फीसदी का इजाफा हुआ है।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर बना रहा, जहां 2,051 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,180 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एसबीआई सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, निफ्टी के लिए प्रतिरोध का तात्कालिक स्तर 24,300-24,330 के दायरे में है। अगर यह इसके ऊपर लगातार बना रहता है तो निकट भविष्य में 24,500 और 24,650 की ओर जा सकता है। नीचे की तरफ समर्थन का स्तर 24,000-23,970 पर दिख रहा है, जो 20 दिन के ईएमए से मेल खाता है।

First Published : April 29, 2026 | 10:19 PM IST