शेयर बाजार

33% करेक्शन के बाद फोकस में हॉस्पिटल शेयर, ब्रोकरेज बोला – 42% तक चढ़ सकता है भाव

Stock to buy: विश्लेषकों के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर बाहर से इलाज के लिए आने वाले लोगों की वजह से।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- March 25, 2026 | 12:13 PM IST

Medanta Stock: शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद पिछले दो ट्रेडिंग सेशन से रिकवरी देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जंग से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से दुनिया भर के बाजारों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, अब पश्चिमी एशिया में तनाव घटने के संकेतो से वैश्विक समेत घरेलू बाजारों में माहौल में सुधार आया है। निफ्टी-50 और बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को शुरूआती कारोबार में एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। जबकि सोमवार को ये करीब 2 प्रतिशत की बढ़त लेकर बंद हुए थे। बाजार में इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज हॉउस जेएम फाइनेंशियल ने हॉस्पिटल चेन चलाने वाले कंपनी ग्लोबल हेल्थ लिमिटेड (Medanta) पर बुलिश आउटलुक दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक में हालिया गिरावट के बाद 42 प्रतिशत अपसाइड की संभावना जताई है।

Medanta Stock पर टारगेट प्राइस: ₹1,382

जेएम फाइनेंशियल ने मेदांता पर अपनी ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1,382 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर पिछले बंद भाव 974 रुपये से 42 प्रतिशत का अपसाइड रिटर्न दे सकता है।

शेयर के प्रदर्शन पर नजर डाले तो एक महीने में यह करीब 12 प्रतिशत टूट गया है। तीन महीने में शेयर में करीब 15 फीसदी और छह महीने में 23.40 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, एक साल में स्टॉक में 18.47 फीसदी और दो साल 20.60 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि तीन साल में शेयर ने 113 प्रतिशत का तगड़ा रिटर्न दिया है। स्टॉक अपने 52 वीक्स हाई 1,455.85 रुपये से करीब 33 प्रतिशत नीचे चल रहा है। इसका 52 वीक्स लो 975.10 रुपये है। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 27,447.53 करोड़ रुपये है।

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Medanta Share: ब्रोकरेज ने क्यों दी निवेश की सलाह?

ब्रोकरेज के अनुसार, नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑडिट पूरा होने के बाद अस्पताल के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। इससे ज्यादा अस्पतालों और बीमा कंपनियों के साथ जुड़ने (एम्पैनलमेंट) में आसानी होगी। कई जगहों पर यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बाकी जल्द पूरी होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज के विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी 2026 से इन नए समझौतों का असर कमाई पर दिखने लगेगा। अस्पताल में मरीजों की संख्या (ऑक्यूपेंसी) भी धीरे-धीरे कंपनी के तय स्तर तक बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की आय धीरे-धीरे बढ़कर करीब 60 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि खर्च सामान्य होने की वजह से वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 20 से 25 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है। कैंसर इलाज से जुड़ा ढांचा (जैसे मशीनें और डॉक्टरों की भर्ती) लगभग तैयार है और जल्द ही रेडिएशन थेरेपी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बेहतर कमाई में मदद मिलेगी। विश्लेषकों ने यह भी कहा कि आने वाला जेवर एयरपोर्ट भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर बाहर से इलाज के लिए आने वाले लोगों की वजह से।

(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : March 25, 2026 | 12:12 PM IST