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MSCI का ग्रीस को विकसित बाजार में शामिल करने का फैसला, भारत पर सीमित असर

विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से पैसिव आवंटन में बस मामूली बढ़ोतरी होगी। अभी एमएससीआई ईएम इंडेक्स में ग्रीस का वेटेज करीब 0.5 फीसदी है

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समी मोडक   
Last Updated- April 01, 2026 | 9:54 PM IST

वै​श्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई इंक. के इस फैसले से भारत पर कोई खास असर नहीं होगा जिसके तहत वह मई 2027 तक ग्रीस को उभरते बाजार से हटाकर विकसित बाजार (डीएम) श्रेणी में शामिल करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से पैसिव आवंटन में बस मामूली बढ़ोतरी होगी। अभी एमएससीआई ईएम इंडेक्स में ग्रीस का वेटेज करीब 0.5 फीसदी है। इससे बाहर निकलने के बाद यह वेटेज बाकी बचे ईएम सदस्यों के बीच उनके फ्री-फ्लोट बाजार पूंजीकरण के अनुपात में बांट दिया जाएगा।

नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांट रिसर्च के प्रमुख अभिलाष पगारिया ने कहा कि ईएम प्रवाह के नजरिये से यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक है। उन्होंने कहा, ‘इसका वेटेज (भार) काफ़ी कम होने से इसका कुल असर न के बराबर है और इससे भारत या बड़े ईएम बाजारों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने वाला।’

एमएससीआई ईएम इंडेक्स में चीन का हिस्सा एक-चौथाई से थोड़ा ज्यादा है। इसके बाद ताइवान (22.5%), दक्षिण कोरिया (15.5%) और भारत (12.6%) का नंबर आता है। ग्रीस के बाहर निकलने से जो अतिरिक्त वेटेज मिला है, उसके भारत समेत इन बाजारों में आनुपातिक रूप से विभाजित होने की उम्मीद है।

बाजार कारोबारियों का कहना है कि एमएससीआई ईएम इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड मई 2027 की समीक्षा के करीब अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करेंगे। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया ने डीएम स्टेटस में रीक्लासिफिकेशन के लिए अपनी कोशिशें फिर से तेज कर दी हैं और इस साल की शुरुआत में उसने एमएससीआई के मानदंडों को पूरा करने के उद्देश्य से एक व्यापक रूपरेखा भी पेश की थी। दक्षिण कोरिया के
संभावित अपग्रेड (उसके काफी ज्यादा वेटेज को देखते हुए) का भारत और अन्य ईएम सदस्यों पर ज्यादा बड़ा असर पड़ेगा।

एमएससीआई ने कहा कि ग्रीस के संबंध में उसका फैसला बाजार की पहुंच, बुनियादी ढांचे और विकसित यूरोपीय बाजार के मानकों के साथ तालमेल में लगातार सुधारों पर आधारित है।

First Published : April 1, 2026 | 9:49 PM IST